जलालाबाद। अधिवक्ता कुलदीप सक्सेना हत्याकांड में तनाव को देखते हुए घटना के छठे दिन भी गांव में पुलिस तैनात रही। रविवार को शव के अंत्येष्टि के बाद देर शाम मृतक की पत्नी ने पुलिस को दूसरी तहरीर दी है, जिसके बाद एफआईआर में छेड़छाड़ की धारा भी बढ़ा दी गई। वहीं हत्याकांड को लेकर तहसील के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
अधिवक्ता कुलदीप की पत्नी की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक वह बच्चों सहित गांव पिटारमउ में आखत डाल रही थी। इसी दौरान वहां गांव का ही नसरुद्दीन अपने कई साथियों के साथ पहुंचा और आखत डाल रही युवतियों की वीडियो बनाते हुए अश्लील टिप्पणियां करने लगा, इसके बाद छेड़खानी शुरू कर दी। उन्होंने विरोध किया तो उत्तेजित हो गया और जब पति कुलदीप वहां पहुंचे तो नसुरुद्दीन ने उन्हें गोली मार दी।
मामले में पांच लोगों को नामजद करते हुए दो अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई है, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट में छेड़छाड़ की धारा और बढ़ा दी है। इससे पहले 10 मार्च की रात मृतक के भाई ज्ञान प्रकाश की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने जानलेवा हमला, बलवा व महिलाओं के साथ अभद्रता की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। साथ ही पुलिस ने मुख्य आरोपी नसरुद्दीन सहित छह को गिरफ्तार कर लिया था। उधर घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी तनाव की आशंका के चलते सोमवार को भी गांव पिटारमउ के अलावा मृतक के घर मोहल्ला प्रतापनगर में पुलिस का पहरा बना रहा। इस मामले को लेकर सोमवार को बार संघ अध्यक्ष राम प्रकाश यादव की अध्यक्षता में शोकसभा का आयोजन कर शोक संवेदना व्यक्त की गई तथा घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया। कोतवाल रवि कुमार ने बताया कि अधिवक्ता की पत्नी की तहरीर को तफ्तीश में शामिल कर लिया गया है। उनकी तहरीर के आधार पर छेड़छाड़ की धारा बढ़ा दी गई है। साथ ही एफआईआर हत्या में तरमीम कर दी गई है।