शाहजहांपुर। चिन्मयानंद के खिलाफ चल रहे दुष्कर्म के पुराने मामले की सोमवार को सीजेएम ओमवीर सिंह के सामने पत्रावली पेश की गई। इस पर न्यायाधीश ने स्टे आर्डर की नवीनतम स्थिति से अवगत कराने के लिए तीन अप्रैल की तिथि तय की है।
चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म का पुराना मामला भी एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहा था, जिसे 14 फरवरी को सीजेएम की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था। चिन्मयानंद के खिलाफ उनकी शिष्या ने वर्ष 2011 में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने, गले में रस्सी से फंदा कसकर जान से मारने की कोशिश और बार-बार गर्भपात कराने आदि का आरोप लगाया था। शिष्या ने इस मामले की 30 नवंबर 2011 को चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें विवेचना अधिकारी ने चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म और धमकाने की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए चिन्मयानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से 25 जुलाई 2018 से स्टे ले रखा है। सीजेएम ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद स्टे आर्डर की नवीनतम स्थिति से अवगत कराने के लिए तीन अप्रैल की तारीख तय कर दी है।