पुवायां। खुटार के गांव में बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी की पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी दिखाने और चांदपुर पुलिस चौकी पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठी फटकारने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी के बाद कई थानों का पुलिस बल भाकियू कार्यालय पर तैनात कर दिया गया। बाद में सीओ ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया, जिसके बाद संगठन ने अपना प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया।
बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी गुड्डू को पुलिस ने दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। अगली सुबह ग्रामीणों ने चांदपुर पुलिस चौकी पर जाकर विरोध किया था। तब पुलिस ने महिलाओं, बच्चों पर लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया था। इसके बाद खुटार थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने धरना देने वालों पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और तीन लोगों को जेल भेजा था।
ग्रामीणों का आरोप है कि गुड्डू को पुलिस को सौंपने के बाद मुठभेड़ दिखाई गई। विधायक चेतराम ने मामले की शिकायत डीजीपी से की। भाकियू टिकैत गुट ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए गुड्डू को गोली मारने और धरना प्रदर्शन करने वालों पर लाठी फटकारने में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर 22 जून को सीओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।
धरना प्रदर्शन रोकने के लिए पुवायां, बंडा, खुटार की पुलिस सोमवार सुबह से ही भाकियू के मोहम्मदी रोड स्थित कार्यालय, मोहम्मदी मोड़ और सीओ कार्यालय पर तैनात कर दी गई। भाकियू कार्यकर्ता और तमाम किसान कार्यालय पहुंचे। इसके बाद सीओ प्रवीण मलिक ने मौके पर पहुंचकर किसान नेताओं को समझाया।
सीओ के सामने गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने गुड्डू शर्मा को दिन में ही पुलिस के सुपुर्द दिया था तो मुठभेड़ में गिरफ्तारी क्यों दिखाई गई? पुलिस की पिटाई से घायल लोग भी सीओ से मिले। बाद में सीओ को ज्ञापन देकर जेल भेजे गए लोगों की एक सप्ताह में जमानत कराने, हल्का पुलिस सहित दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई। भाकियू जिलाध्यक्ष अनिल सिंह यादव ने कहा कि पुलिस गांव के लोगों को परेशान नहीं करे। एक सप्ताह में कार्रवाई न हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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दर्ज रिपोर्ट की जांच करेंगे पुवायां थाना प्रभारी
सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि भाकियू का ज्ञापन मिला है। किसान नेताओं से वार्ता भी हुई है। चांदपुर चौकी पर धरना-प्रदर्शन के बाद खुटार थाना प्रभारी की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट की जांच पुवायां के थाना प्रभारी को दी गई है। किसी निर्दोष पर कार्रवाई किसी भी हालत में नहीं होगी।