फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुवायां पुलिस ने दबोचा  बावरिया गैंग का डकैत

Tue, 13 Sep 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
विज्ञापन
पुवायां पुलिस ने दबोचा  बावरिया गैंग का डकैत 
विज्ञापन
लखनऊ के विभूतिखंड में साथियों के साथ डीएफओ के घर सहित छह जगहों पर डकैती डालने के मामले में वांछित गांव हर्रैया के धारा सिंह को पुलिस ने मंगलवार को उसके घर से हिरासत में ले लिया। इसकी सूचना लखनऊ पुलिस को दी गई है। लखनऊ पुलिस धारा सिंह को अपने साथ ले जाने के लिए पुवायां के लिए रवाना हो चुकी है। 
विज्ञापन

लखनऊ पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने दो सितंबर को बावरिया गैंग के 15 सदस्यों को पकड़ा था। इसमें आठ महिलाएं भी शामिल थीं। गिरोह के लोग डेढ़ माह से लखनऊ में रहकर डकैती की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इस दौरान चार बदमाश भाग निकले थे। गिरोह के लोगों ने लखनऊ के डीएफओ अशोक शुक्ला के घर सहित तीन जगह डकैती और चोरी की चार घटनाओं में हाथ होना कबूल किया था। पकड़े गए बदमाशों में हरिद्वार, राजस्थान के अलवर और पुवायां के गांव हर्रैया के डकैत शामिल थे। हर्रैया के केपी सिंह, राकेश बहेलिया, विमला सिंह, योगेश कुमार की पत्नी सोनू आदि को पकड़ लिया था। 
डीएफओ के घर डकैती में शामिल पुवायां के गांव हर्रैया का धारा सिंह तीन अन्य साथियों के साथ भाग निकला था। लखनऊ पुलिस ने मामले की सूचना पुवायां पुलिस को दी थी। मंगलवार को पुवायां पुलिस ने गांव हर्रैया में छापा मारकर धारा सिंह को दबोच लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। 
विज्ञापन

बावरिया के कारण चर्चा में है हर्रैया गांव
पुवायां। पुवायां का हर्रैया गांव बावरिया गैंग के लोगों के कारण चर्चा में रहता है। इस गांव में कई लोगों के पास नाम मात्र की भी जमीन नहीं है, लेकिन आलीशान कोठियां और घरों में कंबाइन खड़ी हुई हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि गैंग के लोग पुवायां और आसपास वारदातें नहीं करते हैं। 
हुस्न के जाल में फंसाकर जानकारी जुटाती हैं बावरिया गैंग की महिलाएं
बावरिया गैंग के लोग बेहद दुर्दांत तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं। गिरोह अधिकतर डकैती और चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। डकैती के दौरान लोगों के साथ मारपीट और खूनखराबा करना भी इस गिरोह की खास पहचान है। डकैती में बड़ा माल हाथ लगने के बाद गिरोह के लोग पर्यटन स्थलों आदि में जाकर महंगे होटलों में रुकते हैं और खूब पैसा उड़ाते हैं। 
बावरिया गैंग के तार कई प्रदेशों से जुडे़ हुए हैं। गिरोह के लोग उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में रहते हैं। गिरोह में तमाम महिलाएं भी शामिल हैं और डकैती आदि में गिरोह के पुरुष सदस्यों की भरपूर मदद करती हैं। 
पुलिस ने बताया कि गिरोह केे लोग या तो बड़े शहरों को अपना निशाना बनाते हैं या फिर देहात के धनाढ्य लोगों को। कस्बों में यह लोग वारदात को कम ही अंजाम देते हैं। बड़े शहरों में गिरोह की खूबसूरत महिलाएं खिलौने आदि बेचने का दिखावा करती हैं और धनाढ्य परिवार को अपना निशाना बनाती हैं। इनका निशाना घर के अधेड़ लोग होते हैं, जिन्हें यह प्रेमजाल में फंसाकर घर का सारा राज जान लेती हैं और फिर गिरोह के पुरुष सदस्यों को पूरी जानकारी मुहैया करा देती हैं। 
इसके बाद गिरोह केे लोग घर में घुस लूटपाट को अंजाम देकर नगदी, जेवर लेकर खिसक लेते हैं। गिरोह के पुरुष सदस्य बाल, दाढ़ी आदि बढ़ाकर बाबा जैसे बने रहते हें और दिन में भीख मांगने से लेकर गुब्बारे आदि बेचते हैं। लूट के बाद इनकी जिंदगी बदल जाती है। गिरोह की महिलाएं और पुरुष सदस्य हुलिया बदलकर माडर्न दिखने लगते हैं और होटलों में जमकर ऐश करते हैं। गिरोह के सदस्य अपने घर पर वर्ष भर में एक दो बार ही आते-जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें