शाहजहांपुर। बैक्टीरियल संक्रमण निमोनिया ने बच्चों को चपेट में लेना शुरू कर दिया है। बदलते मौसम में निमोनिया से बचाव के लिए बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में निमोनिया पीड़ित पांच बच्चे भर्ती हुए हैं।
मौसम में बदलाव के बाद वायरल बुखार और मलेरिया की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई है। अब निमोनिया ने नौनिहालों को घेरना शुरू कर दिया। सबसे ज्यादा दिक्कत कुपोषित बच्चों को हो रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में निमोनिया से पीड़ित 15 से 20 बच्चे हर दिन पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि निमोनिया बैक्टीरियल संक्रमण होता है। खांसी-जुकाम होने पर देखभाल के अभाव में निमोनिया बन जाता है। इसके लिए बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
निमोनिया के लक्षण
बच्चों को बुखार आना।
खांसी, सांस तेज चलना
पसली चलना
बच्चे में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
ये बरतें सावधानी
सफाई का विशेष ध्यान रखें, मास्क लगाकर रखें।
बच्चे के बीमार होने पर झोलाछाप को बिल्कुल न दिखाएं।
बच्चों को भीड़ में जाने से बचाएं, अधिक स्नान न कराएं।
पानी से दूर रखें, घरेलू उपचार के सहारे बिल्कुल न रहें।
फैक्ट फाइल
15 से 20 बच्चे हर दिन निमोनिया से पीड़ित राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे।
पांच बच्चों को निमोनिया की स्थिति गंभीर होने पर वार्ड में भर्ती किया गया।
150 बच्चे राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन आ रहे।
बदलते मौसम में खांसी-जुकाम के बाद बच्चे निमोनिया की चपेट में आ जाते हैं। निमोनिया से बचाव के लिए बच्चों का विशेष ध्यान रखें। बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार कराएं। - डॉ. अखिलेश कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ, राजकीय मेडिकल कॉलेज