फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: शाहजहांपुर के लोगों ने लखीमपुर में करा ली शस्त्र लाइसेंसों की फर्जी इंट्री, रिपोर्ट दर्ज

Thu, 24 Sep 2026 03:09 PM IST
Mukesh Kumar हरिओम त्रिवेदी, संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शस्त्र लाइसेंस की फर्जी इंट्री के मामले में लखीमपुर कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें मोनू श्रीवास्तव नाम के शख्स को नामजद किया गया है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शाहजहांपुर के पुवायां, निगोही के पते पर बने शस्त्र लाइसेंसों की यूनिक आईडी लखीमपुर से जारी कराने के मामले में लखीमपुर कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी सुधीर सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी के लखीमपुर के डीएम से आख्या मांगने पर खुला है।

विज्ञापन


सुधीर सोनी ने लखीमपुर सदर कोतवाली में 18 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह 29 जून 2022 से लखीमपुर में शस्त्र लिपिक प्रथम पद पर संबंद्ध हैं। उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी ने 14 जुलाई को जिला मजिस्ट्रेट लखीमपुर केा पत्र भेजकर 12 शस्त्र लाइसेंसों की आख्या मांगी थी। जिला मजिस्ट्रेट ने जांच टीम का गठन कर शस्त्र लाइसेंसों की जांच कराई थी।

आरोपी ने 10 साल तक किया था काम 
सुधीर सोनी के अनुसार शस्त्र अनुभाग में उनसे पहले शस्त्र लिपिक प्रथम के पद पर अगस्त 2013 से 29 जून 2022 तक सुरेश कुमार वर्मा की तैनाती थी। एनडीएएल, एलिस पोर्टल पर शस्त्र लाइसेंसों को ऑनलाइन करना, यूआइएन जेनरेट करना, नवीनीकरण आदि का कार्य सुरेश कुमार वर्मा के समय से ही लखीमपुर के ही गांव सलेमपुर कोन के मोनू श्रीवास्तव उर्फ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने वर्ष 2016 से जून 2026 तक किया था। वह कंप्यूटर ऑपरेटर था। 
विज्ञापन


तत्कालीन डीएम के 28 जुलाई 2015 के आदेश के तहत इंस्टीट्यूट ऑफ मल्टीमीडिया एंड डिजाइन फर्म को शस्त्र लाइसेंसों की डाटा इंट्री का कार्य दिया गया था। फर्म स्वामी आशीष शुक्ला ने डाटा इंट्री के लिए मोनू श्रीवास्तव को लगाया था।

जांच में पाया गया है कि 12 लाइसेंसों में यूआईएन वर्ष 2018 में जनरेट किए गए हैं, जिनका कोई भी आदेश और अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। मोनू श्रीवास्तव ने 12 लाइसेंसों में वर्ष 2023 से 2025 के बीच कई बार परिवर्तन किया गया है, जिसका कोई भी आदेश और अभिलेख कार्यालय में नहीं हैं। मोनू श्रीवास्तव ने बिना सक्षम अधिकारी के संशोधन फर्जी तरीके से किए हैं। 

मोनू श्रीवास्तव ने आर्थिक लालच के चलते शस्त्र लाइसेंसों की फर्जी इंट्री और संशोधन के लिए कूटरचित अभिलेख, फर्जी इलेक्ट्रानिक डाटा तैयार कर धोखाधड़ी कर लोगों के लाइसेस तैयार कराए हैं। एसटीएफ के एसएसपी के पत्र पर जांच से फर्जीवाड़े का पता चला है। सुधीर सोनी की तहरीर पर मोनू श्रीवास्तव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

इन शस्त्र लाइसेंसों की मांगी गई थी आख्या
1. मो. दानिश उर्फ दानू पुत्र छुट्टन निवासी सरवरखेड़ा तहसील काशीपुर थाना काशीपुर जनपद ऊधमसिंह नगर 
2. विशाल राजपूत पुत्र लखेंद्र कुमार राजपूत निवासी पुवायां जिला- शाहजहांपुर, हाल पता थाना काशीपुर जनपद ऊधमसिंह नगर
3. गुरताज सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह निवासी मेहरोत्रा फार्म तहसील काशीपुर थाना काशीपुर जनपद ऊधमसिंह नगर
4. गौरव अग्रवाल पुत्र राकेश अग्रवाल नि. घामुडा तहसील काशीपुर थाना काशीपुर जनपद ऊधमसिंह नगर
5. करन सिंह पुत्र कल्लू सिंह नि. शाहजहांपुर शस्त्र लाइसेंस नंबर 740 पुवायां 
6. दीप्ति अग्रवाल पत्नी सौरभ अग्रवाल नि. मोहल्लाल कसभरा मठिया थाना पुवायां, शाहजहांपुर
7. अंतरप्रीत सिंह पुत्र झरमल सिंह नि. ग्राम निगोही, शाहजहांपुर
8. जसजीत सिंह पुत्र हरपाल सिंह नि. निगोही, शाहजहांपुर
9. मो. जीशान पुत्र मो. दिलशाद निवासी पुवायां, शाहजहांपुर
10. पीयूष कुमार पुत्र विनोद कुमार निवासी मो. कसमरा मठिया पुवायां-शाहजहांपुर
11. गुरसेवक सिंह पुत्र ज्ञान सिंह नि. गांव नत्थापुर थाना पुवायां, शाहजहांपुर
12-अमित सिंह चौहान पुत्र जितेंद्र पाल सिंह नि ग्राम जेवा थाना पुवायां, शाहजहांपुर
विज्ञापन

सीओ पुवायां प्रवीण मलिक ने बताया कि लखीमपुर पुलिस से कोई ऐसा पत्र नहीं मिला है, जिसमें जानकारी मांगी गई हो। यदि कोई पत्र आता है तो मामले की जांच कराई जाएगी। 

लखीमपुर खीरी के एएसपी पवन गौतम ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। जांच की जा रही है। संबंधित तथ्य जुटाए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें