जलालाबाद क्षेत्र में बुधवार शाम कोलापुल से पहले रैपुरा गांव के पास हादसे में मरे तीनों लोगों की शिनाख्त हो गई है। मरने वाले बदायूं के थाना कादरचौक के गांव दुर्जन नगला निवासी दाताराम, उनकी बेटी वर्षावती और बेटा बृजमोहन थे। दाताराम बेटे के साथ बाइक से बेटी को उसकी ससुराल जलालाबाद के नगरिया गांव छोड़ने जा रहे थे।
बुधवार को रैपुरा गांव के पास मौत का शिकार हुए दाताराम के पास से पुलिस ने ड्राइविंग लाइसेंस तलाशी के दौरान प्राप्त किया था। जोकि उनके दूसरे बेटे हरीश का था। इसी आधार पर पुलिस ने कादरचौक पुलिस के जरिए दुर्जन नगला गांव के प्रधान को फोन किया, तब हरीश के पास पिता और बहन वर्षावती व छोटे भाई बृजमोहन की मौत की खबर लगी। इसके बाद उसने अपनी बहन वर्षावती के पति नगरिया जलालाबाद निवासी मानवेंद्र को सूचना दी। मानवेंद्र देर रात जिला अस्पताल पहुंचा और उसी ने शिनाख्त की। वर्षावती की तीन साल पहले शादी हुई थी। वह होली से एक दिन पहले ससुराल से मायके चली गई थी। होली के बाद मानवेंद्र ने पत्नी को बुलवा भेजा था। इसलिए दाताराम वर्षावती को छोड़ने के लिए नगरिया जलालाबाद आ रहे थे।
तीन माह की गर्भवती थी वर्षा
शाहजहांपुर। घर वालों ने बताया कि वर्षावती तीन माह की गर्भवती थी। वर्षा के पति मानवेंद्र के मुताबिक उनके अभी कोई बच्चा नहीं है।
भाई के घर से जाने पर अपशकुन
शाहजहांपुर। पति, बेटी और बेटे की मौत पर बिलख रही रामवती का कहना था कि पति को रोका था कि बुधवार को भाई के घर से बहन ससुराल नहीं जाती है। इसका अपशकुन माना जाता है। तो पति ने बेटे बृजमोहन को भी साथ ले लिया, लेकिन अनहोनी फिर भी घटित हो गई। रामवती यही सोच कर बार-बार बेहोश हो रही थी।