समाज कल्याण निदेशालय ने संयुक्त निदेशक अरुण कुमार पांडेय की अध्यक्षता में डीडी अजयवीर सिंह यादव, वरिष्ठ लेखाकार नीरज मद्धेशिया की टीम जांच के लिए गठित की थी। जांच में सामने आया कि 2390 खातों में हेरफेर किया गया था। इन खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली गई थी। लगभग दो करोड़ 53 लाख रुपये के घोटाले की पुष्टि हुई थी।
घोटाले में अब तक हो चुकी तीन की गिरफ्तारी
जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने 20 सितंबर 2023 को पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार के अलावा सीतापुर निवासी विशाल सक्सेना और सूरज, शाहजहांपुर के साकिब, सीतापुर के खुशाल, कांट के प्रियांशु शर्मा, सदर बाजार थाना क्षेत्र निवासी रामऔतार, निकरा निवासी सतीश कश्यप, कांट के पलहौरा गांव निवासी पप्पू को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शुक्रवार को थाना सदर बाजार क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज के आगे पंप के सामने से सीतापुर के अनूप व कांट के जयपाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हालांकि दोनों के नाम दर्ज एफआईआर में नहीं थे। उनके पास से कई अधिकारियों की मोहरे बरामद हुईं थीं। इससे पहले पुलिस ने कांट के कुर्रियाकलां निवासी रामऔतार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उससे पूछताछ में कई खुलासे हुए थे, जिसके बाद क्राइम ब्रांच आरोपियों पर लगातार नजर बनाए हुई थी। अभी जल्द ही कई और आरोपियों को पकड़ने का दावा पुलिस कर रही है।