शाहजहांपुर। मनरेगा के कार्य में भुगतान में वित्तीय अनियमितता बरतते हुए बीडीओ ने 1.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। इसमें एपीओ मनरेगा की भूमिका भी रही। बुधवार देर शाम सीडीओ डॉ.अपराजिता सिंह ने बीडीओ बंडा काे मुख्यालय से संबद्ध कर दिया और एपीओ मनरेगा का कलान स्थानांतरण कर दिया। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
ब्लॉक बंडा में वर्ष 2022-2023 के विभिन्न कार्याें का करीब तीन करोड़ 38 लाख रुपये का भुगतान बकाया था। केंद्र सरकार की ओर से जनपद में वित्तीय वर्ष 2022-23 के भुगतान के लिए करीब चार करोड़ रुपये भेजा गया। बंडा बीडीओ बाबूलाल वर्मा के डोंगल से वर्ष 2022-23 का दो करोड़ लाख रुपये का भुगतान किया गया।
नियम के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता बरतते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 का भी डेढ़ करोड़ का भुगतान कर दिया गया। इसमें बंडा एपीओ मनरेगा अतुल कुमार मिश्रा की भूमिका भी संदिग्ध थी। एकाउंटेंट अनूप शुक्ला भी जांच के दायरे में आए। मामले में गड़बड़ी होने की शिकायत जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासनिक अधिकारियों से की। जांच में पूरा मामला खुला तो प्राथमिक तौर पर सीडीओ ने बीडीओ बाबू लाल वर्मा को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया।
कमीशन का हुआ खेल
बताया जा रहा है कि कमीशन का खेल भी हुआ। इसमें कुछ लोग संलिप्त रहे। यही नहीं नियम के विरुद्ध दूसरे वर्ष के कार्यों का भुगतान भी किया गया। इसमें बंडा ब्लॉक के एकाउंटेंट अनूप शुक्ल की भूमिका संदिध रही। रिपोर्ट में उनका भी जिक्र किया गया है।
वित्तीय अनियमितताओं के चलते बीडीओ बंडा को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। एपीओ का स्थानांतरण कलान किया गया है। इसमें बीडीओ और एकाउंटेंट की भूमिका संदिग्ध है। शासन को आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है।
- डॉ. अपराजिता सिंह, सीडीओ