शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के साथ बरती जाने वाली संवेदनहीनता की सच्चाई डीएम के निरीक्षण में सामने आ गई। शुक्रवार रात ट्रॉमा सेंटर पर पहुंचे डीएम को गंभीर स्थिति के मरीज के परिजनों ने बताया कि चार घंटे से उन्हें समुचित इलाज नहीं मिल रहा है।
दो घंटे पहले डॉक्टर ने सर्जन को फोन किया था, लेकिन वह भी अब तक नहीं आए हैं। डीएम ने जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश देने के साथ ही प्राचार्य का स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह शुक्रवार रात लगभग 10:35 बजे स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां बंडा की रामनगर कॉलोनी निवासी बन्ने बख्श भर्ती मिले।
परिजनों ने बताया कि पेट की समस्या के कारण उन्हें शाम 06:30 बजे भर्ती कराया गया था। मरीज का पेट काफी फूला हुआ था। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डाॅ. शिखर ने बताया कि उन्होंने रात 08 बजे मरीज के इलाज के लिए सर्जन हर्ष को कॉल कर बुलाया था। अभी तक वह आए नहीं हैं। चार घंटे से भी ज्यादा समय तक मरीज को समुचित इलाज न मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों द्वारा मरीजों के इलाज में गंभीरता न बरतने, मनमानी, लापरवाही और संवेदनहीनता के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार से निगरानी दायित्व में लापरवाही और अधीनस्थों पर शिथिल नियंत्रण रखने के लिए तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। इस दौरान नगर आयुक्त विपिन कुमार मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।