कुर्रिया कलां। जुलाई में गर्रा नदी में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए अजीजगंज-चौहनापुर मार्ग की लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत करा दी है। अब इस मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से पर हुए गड्ढों में वाहनों के पलटने का खतरा टल गया है।
अजीजगंज से चौहनापुर, कुर्रियाकलां और कांट होकर मदनापुर तक करीब 61 किमी लंबे मार्ग का 167 करोड़ रुपये की लागत से गत वर्ष चौड़ीकरण कराया गया था। बीच में निर्माण कार्य में अवरोध पड़ा, लेकिन बाद में शेष कार्य पूरे करके इस मार्ग पर गत मार्च में यातायात सामान्य हो सका। तीन-चार माह तक लोग सुगमता से मार्ग पर निकलते रहे, लेकिन गत दस जुलाई की रात गर्रा नदी में आई बाढ़ में कई जगह मार्ग कट गया और जगह-जगह गड्ढे हो गए।
बाढ़ से मार्ग को सबसे ज्यादा नुकसान अजीजगंज-चौहनापुर के बीच लगभग 24 किमी के हिस्से में हुआ था।
बाढ़ से नवादा रुद्रपुर, कारी मकुआपुर, बिजलापुर, सरौरा सरौरी, चांदापुर, भरगवां, खिरिया, चौहनापुर आदि गांवों के पास कई जगह बजरी-कोलतार बह जाने से मार्ग दोपहिया वाहनों के चलने काबिल भी नहीं रहा। खिरिया शेख गांव के पास मार्ग का काफी हिस्सा बाढ़ में बह गया, जिसे मिट्टी डालकर पाट दिया गया। वाहनों के गुजरने से वहां मिट्टी दब गई और गड्ढा हो जाने से लोगों को वाहन लेकर निकलने में काफी परेशानी होने लगी।
इस समस्या को लेकर अमर उजाला के 10 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने पर लोक निर्माण विभाग ने संज्ञान लिया। विभाग के अभियंताओं ने ठेकेदार के माध्यम से मार्ग के कटे हिस्से पर डाली गई मिट्टी निकलवाने के बाद वहां गिट्टी-पत्थर का भराव कराया और बाद में बजरी-कोलतार से मार्ग की सतह समतल करा दी। मार्ग की स्थायी मरम्मत हो जाने से किसानों को अब उधर से गन्ना से भरी डनलप बुग्गी, बैलगाड़ी, ट्रैक्टर-ट्राली आदि निकालना आसान हो गया है।