शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में भूसाघर बनीं ट्रेनों में यात्रियों का दम घुट रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत जनरल कोच में हो रही है। भीड़भाड़ के बीच सफर के दौरान उन्हें पीने के पानी तक के लिए तरसना पड़ रहा है। इससे उनकी तबीयत भी बिगड़ रही है।
बृहस्पतिवार को अयोध्या से लौट रही एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु की ट्रेन के स्लीपर कोच में गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई थी। शुक्रवार को भी असम से आ रही एक महिला की जनता एक्सप्रेस में हालत बिगड़ने से जान चली गई। शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर आई शक्तिनगर त्रिवेणी एक्सप्रेस के सभी जनरल कोच खचाखच भरे नजर आए। उनमें पैर रखने की जगह तक नहीं थी। इसके बाद भी लोग कोच में चढ़ने और उतरने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
इस बीच जिन यात्रियों को प्यास लगी थी, वे कोच से बाहर तक नहीं निकल पा रहे थे। कुछ लोगों ने प्लेटफार्म पर मौजूद लोगों से पानी देने के लिए गुहार लगाई। इस बीच वेंडरों से पानी की बोतल खरीदने की होड़ मची रही।
इसी समय बरेली की ओर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस भी प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंच गई। उसमें भी कोच खचाखच भरे थे। कोच में चढ़ने और उतरने के लिए यात्रियों में धक्कामुक्की होती रही। कुछ यात्री किसी तरह से कोच से उतरकर पानी भरने के लिए बूथ पर पहुंचे। इसी बीच ट्रेन चल दी, तो उन्हें दौड़ लगानी पड़ गई। एक यात्री की ट्रेन भी छूट गई।
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यात्रा के दौरान साथ लेकर चलें ओआरएस
रेलवे के डॉ. संजय रॉय का कहना है कि ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को अपने साथ पेय पदार्थ पर्याप्त मात्रा में रखना चाहिए। इसके साथ ही ओआरएस साथ में रखें। यात्रा के दौरान जितना हो सके ओआरएस पीते रहें, यह शरीर में निर्जलीकरण को रोकता है। बीमार होने से बचाता है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि गर्मी के दौरान लंबी यात्रा के दौरान रिजर्वेशन कराकर ही चलें। उन्होंने गर्मी में सफर से बचने की सलाह दी। डॉ. संजय राय के मुताबिक ब्लडप्रेशर, हार्ट के रोगियों के साथ ही बुजुर्गों को जरूरत पर ही सफर करना चाहिए। अपनी दवा साथ रखें और सावधानी बरतें।
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ट्रेनों में यात्रा के दौरान वेंडरों द्वारा पानी की बोतल खरीदी जा सकती है। प्लेटफार्म पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था है। शीतल जल के सभी प्लेटफार्म पर फ्रीजर लगे हुए हैं। कोशिश है कि यात्रियों को दिक्कत न हो।
- एसके ठाकुर, सीएमआई, उत्तर रेलवे शाहजहांपुर।