शाहजहांपुर/जलालाबाद। गत माह पिलर धंसने से कोलाघाट पर क्षतिग्रस्त हुए पक्के पुल के स्थान पर आवागमन की सुविधा बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा बमुश्किल दस दिन पहले निर्मित कराया पैंटून पुल मंगलवार को सुबह स्लीपर के बोल्ट टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया। लोक निर्माण विभाग ने रस्सियां बांधकर पुल पर आवागमन रोक दिया है।
अब मिर्जापुर, कलान की ओर आने-जाने वाले वाहनों को जरियनपुर से अल्हागंज होकर निकलना पड़ रहा है। इस बीच, लोनिवि के अभियंताओं ने पैंटून पुल पर बिछाने के लिए बरेली से नए स्लीपर की खेप मंगाई है, जो बुधवार से कोलाघाट पहुंचने लगेगी। गत 29 नवंबर को कोलाघाट पर बने पक्के पुल का सात नंबर पिलर जमीन में धंस जाने से पुल टूटकर तीन हिस्सों में बट गया था। लोनिवि ने यहां पर अस्थायी पैंटून पुल बनाया था।
18 दिसंबर को जनपद में प्रधानमंत्री की रैली थी। इसलिए पैंटून पुल जल्दबाजी मेें बनाकर उस पर बदायूं से मंगाए गए लकड़ी के पुराने स्लीपर बोल्ट से कसे गए थे। नतीजा यह हुआ कि पैंटून पुल वाहनों का बोझ सह नहीं सका। कुछ लोगों का कहना है कि रात के दौरान पैंटून पुल से रेत भरी ट्रालियां भी पास होती थी। पैंटून पुल क्षतिग्रस्त होने का कारण जो भी रहा हो, बोल्ट टूटने से पुल के कई स्लीपर भी उखड़कर अलग हो गए।
इसके बावजूद दोपहिया वाहन और साइकिलें लेकर लोग खतरों से जूझते हुए पुल से गुजरते रहे। इसे देखते पुल पर मंगलवार दोपहर से पूरी तरह आवागमन बंद कर दिया गया। अचानक पुल से अवागमन बंद हो जाने से मौके पर मौजूद दो नावों से ही लोगों को इधर-उधर जाना पड़ा, जिससे घाट पर भारी भीड़ मौजूद रही। नाव पर अपनी बारी के लिए लोगों को कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
रोजाना पुल से होकर वकालत को जलालाबाद तहसील जाने वाले ग्राम सिंगहा युसुफपुर निवासी करुणा शंकर वाजपेयी का कहना है कि इस पैंटून पुल के निर्माण के लिए किसी समान की खरीदारी नहीं की गई और पुराने पैंटून, पटले, गार्डर आदि लगा दिए गए।
सब्जी बिक्रेता जुगेंद्र सक्सेना का कहना है कि पुल टूट जाने से सब्जी फिर अल्हागंज, अमृतपुर (फर्रुखाबाद) होकर आएगी जिससे भाड़ा बढ़ेगा। दवा व्यापारी शिवम पांडेय कहते हैं कि दवा एजेंटों का मिर्जापुर तक पहुंचना कठिन हो जाएगा। किराना व्यापारी मनोज गुप्ता भी पैंटून पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से परेशान हैं।
नाव संचालकों ने वसूला मनमाना किराया
रामगंगा में दो मोटर बोट मौजूद थे जबकि यात्रियों की तादाद रोज की तरह सैकड़ों में रही। इसका फायदा नाव संचालकों ने उठाया। उन्होंने बाइक वालों से 70 रुपये और पैदल यात्री से 20 रुपये लिए। कई जरूरतमंदों से इससे ज्यादा किराया वसूला गया। इतना पैसा देने के बाद भी आने जाने वालों को घाट पर घंटों इंतजार करना पड़ा।
18 दिसंबर को प्रधानमंत्री की जनसभा से पहले पैंटून पुल शीघ्रता से बनाया गया और उसमें बदायूं से मंगाए पुराने स्लीपर लगाए गए थे। पैंटून पुल से संभवत: रात के समय उसकी क्षमता से ज्यादा भारी वाहन निकलने से स्लीपर क्षतिग्रस्त हुए। इसे देखते पुल पर यातायात रोक दिया है। उसे दोबारा चालू करने के लिए बदायूं से नए स्लीपर बुधवार से कोलाघाट पहुंचने लगेंगे। मरम्मत का कुछ काम मंगलवार को दिन में पूरा कर लिया है। नए स्लीपर डालने का काम भी तीन-चार दिन में पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
-राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (निर्माण खंड-1)
जलालाबाद के कोलाघाट पर बना पैंटून पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद रस्सी लगाकर अवागामन रोक दिया गया। ?- फोटो : SHAHJAHANPUR