शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीद शुक्रवार से शुरू होगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने इसके लिए सभी 126 क्रय केंद्र खोल दिये जाने का दावा किया है, लेकिन जिले की मंडियों में अभी तक विभिन्न क्रय एजेंसियों के जो सेंटर स्वीकृत किए गए, उनका कहीं अता-पता नहीं है। रोजा समेत तिलहर, जलालाबाद, पुवायां आदि मंडियों में कुछ एजेंसियों ने केवल क्रय केंद्रों के बैनर टांगें हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक कांटे बारदाना आदि सामान अभी तक नहीं पहुंचा है।
मंडियों में नमी नियत मानक 16 प्रतिशत से ज्यादा होने के कारण किसानों को 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। किसानों को धान का समर्थन मूल्य दिलाने के लिए डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिले के मंडी परिसरों में विभिन्न एजेंसियों के 64 केंद्र स्वीकृत कर उन्हें पहले खोलने के निर्देश दिए थे। इनमे रोजा व बंडा मंडी में 16-16, पुवायां में 17, तिलहर में 12 और जलालाबाद मंडी में तीन केंद्र खुलने हैं, लेकिन वह देर शाम तक अस्तित्व में नहीं आ सके। रोजा मंडी में केवल खाद्य विभाग और भारतीय खाद्य निगम के दो केंद्रों के बैनर टंगे दिखे, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं मिला जबकि आढ़तों पर धान के ढेर लगने लगे हैं।
बृहस्पतिवार को जलालाबाद मंडी पहुंचे एसडीएम सौरभ भट्ट ने धान खरीद की तैयारियों का जायजा लिया। मंडी में आरएफसी के दो तथा मंडी समिति का एक सेंटर खुलना है। इन सेंटरों के संचालक कांटा आदि लेकर पहुंच गए, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में खुलने वाले सेंटरों को लेकर अभी कोई तैयारी नहीं है। ग्रामीण इलाकों में पीसीएफ के सेंटर गांव सहोरा, भटादेवर व बरुआ, पीसीयू के फरीदापुर, ठिगरी व चमरडुही और यूपीएसएस का एक केंद्र अल्लागंज के गांव लालपुर में स्वीकृत हुआ है। एसडीएम के अनुसार सभी सेंटर जल्द खुलेंगे और जरूरत होने पर दो अतिरिक्त सेंटर शुरू कराए जाएंगे। मंडी सचिव जेपी वर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के केंद्र संचालकों से संपर्क कर उनसे व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया है।
पुवायां क्षेत्र की मंडियों में नहीं दिखी कोई तैयारी
पुवायां। धान खरीद के लिए मंडी परिसर सहित अन्य स्थानों पर लगने वाले सेंटरों के लिए कोई तैयारियां नहीं की गई है। जबकि मंडी में धान की भरपूर आवक शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को मंडी के तीन शेड पर पशुओं का कब्जा मिला। पुवायां और बंडा की मंडियों के अलावा क्षेत्र के गांवों में 12 सेंटर लगने हैं। तहसील क्षेत्र में कुल 45 धान क्रय केंद्र खोले जाने हैं, लेकिन अभी मंडी में ही कोई तैयारी नहीं है। पुवायां की मंडी सचिव सुमन भारती ने बताया कि मंडी के सभी क्रय केंद्रों को कांटे दे दिए गए हैं और शुक्रवार से क्रय केंद्र खुल जाएंगे। उनका कहना है कि धान में नमी ठीक आती है तो खरीद भी शुरू हो जाएगी। संवाद
तिलहर मंडी में नहीं खुला कोई केंद्र
तिलहर। मंडी परिसर में अभी तक कोई क्रय केंद्र स्थापित नहीं हुआ है, जबकि वहां धान की आवक शुरू हो चुकी है। अभी नमी युक्त धान आ रहा है जो खुले बाजार में 1200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। मंडी निरीक्षक पंकज कुमार मिश्रा के अनुसार क्रय केंद्र स्थापित करने के लिए केंद्र प्रभारी आने शुरू हो गए हैं। यहां पर तौलकांटा और चलना आदि मंगा लिए गए हैं। बताया कि मंडी में आरएफसी के दो, मंडी समिति का एक, पीसीएस के दो, पीसीयू के दो और यूपीएसएस के चार केंद्र खोले जाने हैं। उधर, गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल ने बताया कि मंडी में धान आने लगा है, लेकिन उसमें नमी 20 प्रतिशत होने के कारण सस्ता बिक रहा है। यही धान सूखने पर 1800 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर पड़ेगा।
मंडियों में सभी क्रय केंद्र धान खरीद के लिए व्यवस्थित कर लिए गए हैं। यदि क्रय केंद्रों पर शासन से निर्धारित नमी मानक के अनुसार धान पहुंचा तो वहां शुक्रवार सुबह से खरीद भी कराई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वीकृत सभी क्रय केंद्र भी एक-दो दिन के अंदर क्रियाशील हो जाएंगे।
- गिरिजेश कुमार चौधरी, प्रभारी धान खरीद/एडीएम फाइनेंस