शहरी क्षेत्र को वाहनों की अधिकता और उससे पैदा होने वाली जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने गर्रा और खन्नौत नदियों पर नए पुलों समेत कई स्थानों पर ओवरब्रिज की जरूरत महसूस की है। इस संबंध में डीएम के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन एसपी पांडेय की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति ने बुधवार को शहरी क्षेत्र में सर्वेक्षण करके नए पुलों और ओवरब्रिजों के लिए दस स्थान चिन्हित किए हैं। कमेटी से प्राप्त डीपीआर शासन को भेजकर स्वीकृति ली जाएगी। शहर के अंदर जनसामान्य की आवाजाही के लिए तीन प्रमुख मार्ग हैं। सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ मुख्य मार्गों पर यातायात अवरुद्ध होना आए दिन की समस्या बन गई है। दो दिन पहले शहर में मार्निंगवॉक पर निकले डीएम कर्ण सिंह चौहान ने स्वयं देखा कि संकरे मार्गों के फुटपाथ वाहन खड़े करने के ठिकाने बन गए हैं और भैंसों की आवाजाही भी राहगीरों के लिए मुसीबत बन रही है। इसी के साथ उन्होंने पाया कि दो नदियों से घिरे शहर को जाम की समस्या से उबारने के लिए कई ऐसे पुलों की जरूरत है, जिन पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सके। बैठक में मौजूद पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन पांडेय ने राज्य सेतु निर्माण निगम के एक्सईएन देवेन वर्मा, नगरपालिका परिषद के एक्सईएन एसके कनौजिया और यातायात उप निरीक्षक मोहम्मद इश्तियाक के साथ शहर में भ्रमण किया।
हर छमाही सड़कों पर बढ़ रहे दस हजार वाहन
जाम की समस्या उठने पर बैठक में मौजूद एआरटीओ प्रशासन के प्रतिनिधि संजीव गुप्ता ने बताया कि दस हजार वाहनों के नंबरों वाली एक सीरीज जिले में छह माह में खत्म हो रही है। हालांकि, इनमें अधिसंख्य दुपहिया वाहन होते हैं। इसके बावजूद जिले में नए वाहनों की संख्या नियंत्रित करने के लिए डीएम ने गाड़ी लेने पर गैराज अनिवार्य करके रजिस्ट्रेशन करते वक्त वाहन स्वामी से इस आशय का शपथ पत्र लेने के निर्देश दिए कि वाहन खड़ा करने की जगह उपलब्ध है अथवा एक माह में व्यवस्था कर ली जाएगी। साथ ही शैक्षिक योग्यता निर्धारित कर पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और बाद में वाहन रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए।
इन स्थानों पर ट्रैफिक जाम से उबारेंगे पुल
अफसरों की टीम ने शहर भ्रमण में पाया कि अशफाकनगर चौराहा, रोडवेज बस स्टेशन के पीछे रेलवे फाटक, कचहरी के पीछे इंदिरानगर वाली रेलवे क्रासिंग, जीआईसी तिराहा, पुत्तूलाल चौराहा, कच्चा कटरा मोड़, लाल इमली चौराहा आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां ओवरब्रिज बनाकर दो रास्ते आपस में जोड़ दिए जाएं तो जाम लगना बंद हो जाएगा। टीम ने राईखेड़ा के पास गर्रा नदी और कैंट एरिया के पीछे मऊ बासक के पास खन्नौत नदी पर भी पुल की जरूरत महसूस की है। इन सभी ठिकानों को डीपीआर में शामिल किया जा रहा है।