हमारी पाठशाला में बच्चों को पढ़ाते शिक्षक। स्रोत: विनोबा आश्रम
शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई में कमजोर छात्र-छात्राओं को हमारी पाठशाला मेधावी बना रही है। रोजा तापीय परियोजना के सहयोग से विनोबा सेवा आश्रम ने दस स्कूलों में पाठशाला शुरू की है। इसमें बच्चों को रचनात्मक तरीके से पढ़ाकर शिक्षा की मुख्य धारा में लाने की कवायद की जा रही है।
रोजा के दस गांवों को चिह्नित करते हुए परिषदीय स्कूलों के बच्चों का टेस्ट लिया गया था। टेस्ट के जरिये ऐसे बच्चों का चिह्नित किया गया, जो कक्षा दर कक्षा आगे तो बढ़ते गए, लेकिन उन्हें किताबी ज्ञान बिल्कुल नहीं है। प्रत्येक स्कूल के पढ़ाई में कमजोर छात्र-छात्राओं का चयन कर उन्हें हमारी पाठशाला में पढ़ाई शुरू कराई गई।
इसके लिए प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षक की नियुक्ति की गई। शिक्षक बच्चों को स्कूल के शेड्यूल के अतिरिक्त पढ़ाकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ रहे हैं। आश्रम के मोहित श्रीवास्तव ने बताया कि हमारी पाठशाला के तहत स्कूल में एक कक्ष अलग से लिया गया। यहां पर बच्चाें को विभिन्न चित्रों, प्रदर्शनी आदि के माध्यम से पढ़ाया जाता है।
करीब तीन साल से चल रही कक्षाओं में बड़ी संख्या में बच्चे शिक्षित कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त स्कूलों में किशोरी बैठक कर उन्हें व्यक्तिगत सफाई की जानकारी देकर सेनेटरी पैड का वितरण भी किया जाता है।