पेयजल योजनाएं सुधारें वरना ठेकेदार जाएंगे जेल
गर्मियों के सीजन में पेयजल संकट बढ़ने के बावजूद शहरी क्षेत्र में निर्मित कराई गई पानी की टंकियां विभिन्न कारणों से चालू नहीं होने पर डीएम विजय किरन आनंद ने सख्त नाराजगी व्यक्त की है। विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को शहर समेत जिले की पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने दो टूक लहजे में चेतावनी दी कि 15 दिन में पेयजल परियोजनाओं में सुधार नहीं होने पर संबंधित ठेकेदारों को जेल भिजवा दिया जाएगा। उन्होंने जल निगम के एक्सईएन को निर्देश दिया कि ठेकेदारों को तलब करके पानी की टंकियां जल्द चालू कराएं। समीक्षा से पता चला कि हथौड़ा बुजुर्ग की टंकी ठीक है, लेकिन वहां कोई जल मित्र नियुक्त नहीं है। गांव के केवल 219 लोगों ने पानी का कनेक्शन लिया है। गांव भरथौली, जेरा रहीमपुर, नगला हलू, बड़ागांव, चौढ़ेरा, ढकिया तिवारी, हाजीपुर, पिपरौला और अहमदपुर में पानी की टंकियां ठीक काम नहीं कर रही हैं। डीएम ने जल निगम के एक्सईएन को निर्देश दिया कि 15 दिन में टंकियां चालू कराएं और अन्यथा की स्थिति में संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध एफआईआर कराएं। एनआरडब्ल्यूएसपी योजना में 11 टंकियां बनाई गई हैं जिनमें से दस पर कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त स्वजल धारा योजना के तहत विभिन्न गांवों में 19 टंकियां बनाई गई हैं। डीएम ने पाया कि जल निगम की 40 परियोजनाओं का काम संतोषजनक नहीं है। यह भी पता चला कि फ्लोराइड युक्त पानी से प्रभावित 140 गांवों में 77 गांवों में जल शुद्धिकरण संबंधी कार्य योजना बनाई जा चुकी है। साथ ही एक्सईएन को एक सप्ताह में जेई के स्तर से खराब हैंड पंपों की सूची मंगाकर उनमें जरूरी सुधार कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ पुलकित खरे, एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय, डीडीओ पीपी त्रिपाठी आदि मौजूद रहे
ग्राम प्रधान सामान्य निधि से ठीक कराएं हैंडपंप
बैठक में मौजूद 24 ग्राम पंचायतों के प्रधानों से डीएम आनंद ने कहा कि वे पंचायत की सामान्य निधि से खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने के साथ जानवरों को पानी पीने के लिए एक तालाब नहर अथवा ट्यूबवेल से अनिवार्य रूप से भरवाएं। अपने गांव में वाटर टेस्टिंग किट भी रखवाकर हर माह पानी की गुणवत्ता जांच भी कराएं। यदि गांव में कोई पुराना कुआं हो तो उसे भी चालू कराने का प्रयास करें।