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खन्नौत पर ब्रिटिश समय में बना पुल ढहा, यातायात बंद

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खन्नौत नदी पर गांव हथौड़िया के पास ब्रिटिश हुकूमत में बना पुल जवाब दे गया है। लोक निर्माण विभाग ने यहां पुल क्षतिग्रस्त और रास्ता बंद होने संबंधी बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली है। पुल से आवागमन बंद होने की वजह से आधा दर्जन से ज्यादा गांवों की 30 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित हो रही है। हालांकि, कुछ लोग जान हथेली पर लेकर इस पुल से निकल रहे हैं।
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कैंट एरिया को गांव हथौड़िया के पास होते हुए मोहम्मदी मार्ग, सीतापुर हाईवे से जोड़ने का बड़ा जरिया यहां खन्नौत नदी पर ब्रिटिश समय में बना पुल है। अंग्रेजों ने यह पुल खासकर सेना के लिए बनवाया था। पूर्व में इसे सैन्य रास्ते के नाम से भी माना जाता था। समय के साथ इलाके में गांव बसते गए और आबादी बढ़ती गई। इसके साथ पुल से आम वाहनों का भी आवागमन होने लगा। धीरे-धीरे सेना ने इस पुल का इस्तेमाल बंद कर लिया। लोक निर्माण विभाग ने भी पुल की दशा पर ध्यान नहीं दिया। धीरे-धीरे डाट तकनीक पर बना यह पुल क्षतिग्रस्त होने लगा। पिलर कमजोर हो गए और पुल की डाट भी जर्जर हो गईं। खन्नौत नदी के तेज बहाव को अब यह झेल नहीं पा रहे। पुल की एक डाट अब खन्नौत में समा गई है। बाकी डाट भी धराशायी होने के कगार पर हैं। बाउंड्री का काफी हिस्सा भी नदी में समा गया है। पुल के दोनों ओर लोक निर्माण विभाग ने पुल के दोनों ओर पुल क्षतिग्रस्त और रास्ता बंद होने संबंधी बोर्ड लगा लिए हैं। पुल से दुपहिया और चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। हालांकि, कई गांवों के लोग अब भी पैदल इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

30 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित
- खन्नौत का पुल ढहने की वजह से गांव हथौड़िया, बसुलिया, बिलरिया समेत करीब आधा दर्जन गांवों की 30 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित हो रही है। गांव मऊ खालसा, मऊ बासक के ग्रामीण भी इस पुल का इस्तेमाल मोहम्मदी, सीतापुर मार्ग की ओर जाने के लिए किया करते थे। इन गांवों के लोगों को अब अतिरिक्त रास्ता तय करना हो रहा है। पुलिस के दोनों ओर एप्रोज रोड भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है।
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क्षेत्र में जो भी पुल और पुलियां क्षतिग्रस्त या टूटे हुए हैं उनको चिह्नित कराया जा रहा है। संबंधित विभागों के जरिए शासन को इस्टीमेट भेजकर इनका जल्द निर्माण कराया जाएगा।
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- वेद सिंह चौहन, एसडीएम सदर
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