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आज ही करलें कैश का इंतजाम, कल एटीएम भी नहीं आएंगे काम

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शाहजहांपुर। ऑल इंडिया बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर शुक्रवार से सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं, जिससे लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। हालांकि बैंक अफसर एटीएम में फुल कैश होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन यदि आम दिनों को देखा जाए तो अधिकतर एटीएम शाम ढलने तक खाली हो जाते हैं, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बंदी के दिन ये दोपहर तक भरे रहे तो बड़ी बात है। जिले में राष्ट्रीयकृत एवं निजी क्षेत्र की 31 बैंकों की 265 शाखाएं हैं, इनमें सर्वाधिक 70 शाखाएं बैंक ऑफ बड़ौदा की हैं। एसबीआई दूसरे स्थान पर है। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की 50 से अधिक शाखाएं देहात क्षेत्र में हैं। सामान्य दिनों मेें इन सभी बैंकों में प्रतिदिन लगभग 100 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। अधिकतर व्यवसायिक लेनदेन ई-ट्रांजक्शन के जरिये होता है, लेकिन 30 फीसदी खाताधारक नकद जमा करते हैं, जबकि 60 प्रतिशत काउंटरों से नकद निकासी करते हैं। इस वजह से इन बैंकों में खासी भीड़ रहती है।
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इसके अलावा जिले मेें 145 एटीएम हैं। सामान्य दिनों में एटीएम से एक दिन में औसतन 70 से 80 लाख रुपये की निकासी होती है, लेकिन त्योहारों अथवा अन्य मौकों पर एटीएम पर कैश की मांग बढ़ जाती है और ऐसी स्थिति में एटीएम जल्द खाली हो जाते हैं। खातेदारों को रुपये निकालने को भटकना पड़ता है। बैंक अधिकारी भी मानते हैं कि शुक्रवार सुबह एटीएम से रकम निकालने में चूकने पर बाद में कैश मिलने में कठिनाई हो सकती है।
हड़ताल से मैनुअल बैंकिंग पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन ई-ट्रांजक्शन प्रचलन मेें आने के बाद खातेदारों को ज्यादा असुविधा नहीं होगी। एटीएम से ग्रामीण क्षेत्रों में कैश कम निकलता है, लेकिन महानगर समेत अन्य नगरीय क्षेत्रों में बैंकेें बंद रहने के दौरान चार से पांच लाख रुपये कैश बनाए रखने के इंतजाम किए गए हैं। - चंद्रशेखर जोशी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा
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