शाहजहांपुर। रिफाइंड जैसे दिखने वाले सस्ते नेपाली तेल और नकली एवं मिलावटी सरसों तेल की तलाश में एफएसडीए की टीमें बुधवार को दूसरे दिन भी जुटी रहीं। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने महानगर के केरूगंज मार्केट और बहादुरगंज गल्ला मंडी आदि स्थानों पर तेल के करीब एक दर्जन गोदामों का निरीक्षण किया। उधर, अन्य तहसीलों मेें भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिन भर नेपाली तेल और उसकी धंधेबाजी मेें लिप्त लोगों की तलाश में जुटे रहे। इस दौरान एफएसडीए के अधिकारियों ने तेल प्रतिष्ठानों और वहां के गोदामों का स्टॉक चेक करने के साथ भंडारित तेल का पैकेजिंग किए गए तेल से मिलान किया गया।
गणतंत्र दिवस से पहले बरेली के श्यामगंज समेत कई बाजारों में एफएसडीए के अधिकारियों ने तेल के गोदामों पर छापा मारकर नेपाल से मंगाए गए सस्ते खाद्य तेल के सैकड़ों टिन बरामद किए थे। जब्त किए गए नेपाली तेल के टिन पर महालक्ष्मी, नीलकमल, राजहंस आदि ब्रांड के लेबल चस्पा पाए गए और उन पर लखीमपुर खीरी का पता दर्ज पाया गया। इससे यह शक गहराया कि खीरी जिले से सटी नेपाल की सीमा से तेल की यह खेप तस्करों के जरिये मंगाई गई है। चूंकि, जिले से नेपाल का गौरीफंटा बार्डर महज 100 किमी दूर है। इसलिए एफएसडीए के अधिकारी यहां भी नेपाली तेल की तलाश में जुटे हैं।
बीते दिन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने केरूगंज मार्केट में तेल के दो गोदामों पर छापा मारकर करकेे वहां नेपाल से मंगाए गए सोयाबीन और राइस ब्रॉन ऑयल के दो नमूने लिए थे। साथ ही तेल के अन्य थोक कारोबारियों के गोदाम भी चेक किए थे। इसी कड़ी मेें बुधवार को भी एफएसओ इंद्रराज मौर्य, नरेंद्र शर्मा ने महानगर से लेकर रोजा तक तेल के कई गोदामों की जांच की। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी विजय कुमार वर्मा ने बताया कि निरीक्षण को भेजी गई टीमों से अभी जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। जांच आख्या मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।