छात्रा के अपहरण के मामले में पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर आरोप लगते ही अफसरों पर सत्ता का खौफ सताने लगा। यही वजह रही कि इस मामले में देरी होती चली गई और पुलिस सवालों में घिरती चली गई। हैरत की बात तो यह है कि महकमे के आला अफसर बयान देने से भी कतराते रहे।
फेसबुक पर वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में जब महकमे के अफसरों से जानकारी की तो वह कुछ भी कहने से कन्नी काटने लगे। इतना ही नहीं उनके शब्दों में भी सत्ता का खौफ नजर आ रहा था। इतना ही नहीं अज्ञात नंबर से स्वामी चिन्मयानंद से फिरौती मांगे जाने की रिपोर्ट भी गुपचुप तरीके से दर्ज कर ली गई। इसका खुलासा मुमुक्षु आश्रम के अधिवक्ता ने 26 अगस्त को किया। मंगलवार को एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने रात 8:30 बजे स्वामी चिन्मयानंद व अन्य के खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट का खुलासा किया, लेकिन पूरे प्रकरण पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से बचते रहे।
स्वामी चिन्मयानंद और अधिवक्ता का मोबाइल स्वीच ऑफ मिला
स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल स्वीच ऑफ बताता रहा, वहीं अधिवक्ता से भी संपर्क नहीं हो सका।