भारी बारिश के चलते बुधवार रात करीब ढाई घंटे तक ट्रेनों की रफ्तार थमी रही। अप-डाउन लाइन के सिग्नल में तकनीकी खराबी ने रफ्तार पर ब्रेक लगाने का काम किया। बृहस्पतिवार तड़के 4:30 बजे तकनीकी खराबी दूर की जा सकी। इसके बाद ट्रेनों का संचालन कुछ हद तक पटरी पर आ सका।
बुधवार को दिन में बारिश होने के बाद रात में भी भारी बारिश रिकार्ड की गई। मेन लाइन दो और तीन पर पानी भर गया। पहले तो ट्रेनों को लाइन नंबर एक से पास किया गया। बाद में रात करीब दो बजे अप-डाउन लाइन के सिग्नल में तकनीकी खराबी आ गई। एसएनटी विभाग की टीम रात में ही सिग्नल में आई खराबी दूर करने में जुट गई। तड़के करीब 4:30 बजे सिग्नल दुरुस्त हो सके। इसके बाद भी रेल ट्रैक पर पानी भरा होने की वजह से ट्रेनों को दूसरी लाइन से पास करना पड़ा। एसएस मनोज कुमार ने बताया कि बारिश की वजह से ट्रैक पर पानी भरने से सिग्नल फेल हो गए थे। इससे रात में करीब दो घंटे ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा।
दूसरी ओर जेसीबी से नाले की सफाई के दौरान रेलवे की सिग्नल केबल कट गई। इससे ट्रेनों का संचालन दो घंटे से ज्यादा प्रभावित रहा। कई ट्रेनों को मेमो देकर पास किया गया। करीब 2:50 बजे सिग्नल दुरुस्त किया जा सका।
बृहस्पतिवार को रेलवे क्रॉसिंग नंबर 323 के पास नाला सफाई का काम जेसीबी के जरिए किया जा रहा था। दरअसल, नाला चोक होने से यहां बारिश के दौरान जल भराव हो रहा था। नाला सफाई के दौरान दोपहर करीब 12:40 बजे रेलवे की सिग्नल केबल कट गई। इससे सिग्नल ठप हो गया। ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। ट्रेनों को मेमो देकर पास किया जा सका। टेलीफोन एंड सिग्नल विभाग की टीम दोपहर करीब 2:50 बजे सिग्नल को दुरुस्त कर सकी। एसएस मनोज कुमार ने बताया कि जेसीबी से सिग्नल केबल कटी थी। करीब दो घंटे बाद इसे ठीक कर लिया गया।