रोजा(शहजहांपुर)। अपनी ही जमीन को कब्जा मुक्त कराना रेलवे के लिए मुश्किल हो रहा है। शुक्रवार को रोजा में रेलवे की जमीन पर लगने वाले बाजार में स्लीपर डालने पहुंची रेलवे की टीम को दुकानदारों ने घेर लिया। काफी नोकझोंक भी हुई। बाद में सहायक मंडलीय अभियंता रॉकी तुहर भी यहां पहुंच गए। दुकानदारों ने उनसे भी नोकझोंक भी हुई।
रोजा में रेल पटरी वेल्डिंग प्लांट बन रहा है। इसके लिए रोजा जंक्शन से प्लांट तक करीब दो किमी की एक रेल लाइन बिछाई जा चुकी है। रेल लाइन रोजा बाजार के पास से होती हुई जाती है। रोजा थाने के पास यह बाजार रेलवे की जमीन पर कब्जा कर लगाया जा रहा है। रेलवे को इससे कोई आमदनी भी नहीं हो रही। कई बार बाजार हटाने की रेलवे कोशिश का चुका है, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। काफी संख्या में स्लीपर भी रोजा में मंगाए जा रहे हैं। स्लीपर रखने के लिए जमीन की समस्या सामने आ रही है। शुक्रवार को रोकने ने रोजा बाजार में खाली पड़ी जगह में स्लीपर रखवाने शुरू कर दिए। दुकानदार इसका विरोध करने लगे। एडीईएन रॉकी तुहर, पीडब्ल्यूआई पवन सक्सेना, रेल पथ निरीक्षक अरुण कुमार भी पहुंच गए। इन अधिकारियों से भी दुकानदार नोकझोंक करने लगे। दुकानदार बाजार में स्लीपर रखे जाने का विरोध कर रहे थे। माहौल गरम होने पर नरमू शाखा सचिव अमित भागवत मिश्रा भी पहुंच गए। बाद में कुछ स्लीपर यहां रख दिए गए। बाकी स्लीपर नहीं रखे जा सके।
रेलवे चिह्नित कर चुका 1500 अवैध कब्जे
- अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए रेलवे अभियान चला चुका है। इस दौरान रोजा और शाहजहांपुर में 1500 से ज्यादा अवैध कब्जे चिह्नित किए गए थे। कब्जा करने वालों को नोटिस भी दिया गया। लोकसभा चुनाव के चलते फोर्स मुहैया न होने से कब्जों को नहीं हटवाया जा सका था। अब रेलवे फिर से अवैध कब्जे हटवाने को लेकर सक्रिय हो गया है। एडीईएन रॉकी तुहर ने रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को 29 जुलाई तक का समय दिया है। यह भी चेतावनी दी है कि एक अगस्त से अभियान चलाकर रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जों को ध्वस्त करा दिया जाएगा।
रोजा में प्रस्तावित हैं रेलवे के कई प्रोजेक्ट
- रोजा में रेलवे के कई प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। अब तक यहां डीजल लोकोमोटिव शेड की स्थापना हो चुकी है। रेल पटरी वेल्डिंग प्लांट का काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए दो किमी नई रेल लाइन बिछाई जा चुकी है। इसके अलावा यहां आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर और रेलवे स्पोर्ट्स स्टेडियम भी प्रस्तावित है। इन प्रोजेक्ट के लिए रेलवे को जमीन चाहिए। ऐसे में रेलवे पर अपनी जमीन कब्जा मुक्त कराने का दबाव है।
रोजा में रेलवे की जमीन पर बाजार लग रहा है। कुछ अन्य स्थानों पर भी रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। अतिक्रमण करने वालों को 29 जुलाई तक का समय दिया गया है। इसके बाद ध्वस्तीकरण और रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
- रॉकी तुहर, सहायक मंडलीय अभियंता उत्तर रेलवे