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दूसरों की जीवन रक्षा को किया रक्तदान

Sun, 14 Jun 2015 09:13 PM IST
शाहजहांपुर।
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दुर्घटना में गंभीर घायलों और जानलेवा बीमारियों से पीड़ित मानवता की जीवनरक्षा के लिए रविवार को विश्व रक्तदाता दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन और स्वयंसेवी संस्था फास्ट फारवर्ड इंडिया की ओर से क्रमश: जिला अस्पताल और गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। दोनों शिविरों में विभिन्न संगठनों और संस्थाओं से जुड़े रक्तदानी सुबह से दोपहर बाद तक उमड़े। दोनों कैंपों में विभिन्न आयु वर्ग के 75 लोगों ने रक्तदान करने के साथ दूसरों को भी ऐसा करने को प्रेरित किया। यहां बता दें कि बरेली में शनिवार को 116 और रविवार को 156 रक्तदान हुए, जबकि आज लखीमपुर खीरी में 20, पीलीभीत में 33 और बदायूं में 8 लोगों ने रक्तदान किया।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिला अस्पताल के जोनल ब्लड बैंक में लगाए गए स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शुभारंभ समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं नगरपालिका परिषद के चेयरमैन तनवीर खां ने किया। शिविर का समय दोपहर एक बजे निर्धारित किया गया, लेकिन अखबार में प्रकाशित खबर पढ़कर कई रक्तदानी तय समय से पहले ही वहां पहुंच गए। ऐसे महादानियों में सपा समेत कई सामाजिक संगठनों से जुड़ीं मोहल्ला मोहम्मद जई की निधि शर्मा और चिनौर स्थित डिफेंस कॉलोनी के शांति प्रकाश दीक्षित प्रमुख रहे।
सर्वप्रथम दीक्षित ने रक्तदान किया। इसी के साथ रक्तदान का सिलसिला चल निकला। ब्लड बैंक की काउंसलर छाया सक्सेना ने उनका वजन मापने के साथ रजिस्ट्रेशन करके बारी-बारी डोनेट करने को कमरे में भेजना शुरू किया। रक्तदान करके बाहर निकलने वालों को वहां के स्टाफ ने आराम के लिए रिकवरी रूम में भेजा और कमजोरी का अहसास दूर करने के लिए इनर्जी ड्रिंक, बिस्किट आदि उपलब्ध कराए।
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गुरुद्वारा में रक्तदान को उमड़े 59 महादानी
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में लगाए गए कैंप में रक्तदान करने को सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक तमाम महादानी उमड़े। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल मिश्रा गुट के सहयोग से स्वयंसेवी संस्था फास्ट फारवर्ड इंडिया द्वारा आयोजित शिविर में 59 लोगों ने रक्तदान किया। इससे पहले फास्ट फारवर्ड इंडिया के स्टूडेंट को-आर्डिनेटर हनप्रीत सिंह दुआ, गुरुद्वारा कमेटी के महामंत्री हरभजन सिंह दुआ और व्यापार मंडल मिश्रा गुट के नगर महामंत्री धर्मपाल रैना ने रक्तदान करके शिविर का शुभारंभ किया। प्रारंभ में सुखमनी सेवा सोसाइटी की ओर से सुखमनी साहिब का पाठ किया गया। अंत में लंगर खुला, इसमें महादानियों समेत अन्य श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हनप्रीत ने बताया कि संस्था की ओर से देश के 50 शहरों में इस तरह के शिविर लगाए गए।

इन सभी ने भी किया रक्तदान
जिला अस्पताल में लगाए गए कैंप में शांति प्रकाश दीक्षित और निधि शर्मा समेत उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ, तारीन बहादुरगंज निवासी व्यापारी नेता सुरेंद्र सेठी, व्यापार मंडल कंछल गुट के नगर अध्यक्ष सचिन बाथम, पापॅवर कारपोरेशन के जेई अनुज श्रीवास्तव, अधिवक्ता आशीष त्रिपाठी, अमर उजाला के ब्यूरो प्रभारी संजीव पाठक, इंदिरानगर के पीयूष दुबे, महमंद जंगला के संतोष कुमार, चौक क्षेत्र में काजीटोला के किशोर वर्मा, बाड़ूजई फर्स्ट में रहने वाले जिला पंचायत के कैशियर सौरभ मिश्रा, शिक्षा विभाग में कार्यरत लाला तेली बजरिया निवासी अंकुर श्रीवास्तव, बीबीजई निवासी बिजली ठेकेदार नृपेंद्र श्रीवास्तव, अजीजगंज के सतीश गुप्ता और बिजली विभाग में लिपिक संजय अवस्थी ने भी रक्तदान किया।

व्यवस्था में इन सभी का रहा सहयोग
शिविरों की व्यवस्था से जुड़े कार्यों मेें जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियन रामू नायक, महेंद्र त्रिपाठी, मुशाहिद अली, रजनीश सिंह, सत्येंद्र कुमार, राजेश वर्मा, गुरुद्वारा कमेटी की अध्यक्ष कमलेश कौर माटा, जुझार सिंह मोंगा, ललित खुराना आदि का सहयोग रहा।

...विश्व रिकार्ड की ओर बढ़ रहे इंजीनियर अग्रवाल
सिविल इंजीनियर आरके अग्रवाल ने गत वर्ष अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आज ही के दिन आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में एक यूनिट रक्त देकर रक्तदान का शतक पूरा किया था। रविवार को वह फिर जिला अस्पताल में अमर उजाला की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में पहुंचे, लेकिन चाहकर भी रक्तदान नहीं कर सके। दरअसल, उन्होंने हाल ही में रक्तदान किया था जिसकी तीन माह की निर्धारित अवधि पूरी नहीं होने से पैथालॉजिस्ट डॉ. शबाहत हुसैन ने उन्हें रक्तदान न करने की सलाह दी। इसके बावजूद इंजीनियर अग्रवाल ने शिविर में पूरे समय मौजूद रहकर रक्तदानियों के लिए प्रेरक की भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि अब तक 104 बार रक्तदान कर चुके हैं और अब 110 बार रक्तदान के विश्व रिकॉर्ड को लांघने का लक्ष्य तय किया है। अग्रवाल बंद हो चुकी एक चीनी मिल में कार्यरत रहे हैं।
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जिंदगी बचाना पुण्य का काम
शांति प्रकाश दीक्षित कहते हैं कि आज के मारकाट के दौर में दूसरों की जिंदगी बचाना सबसे पुण्य का काम है और यही सोच उन्हें रक्तदान के लिए खींच लाई।

रक्तदान को सभी रहें तत्पर
संतोष कुमार कहते हैं कि रक्तदान को सभी लोग तत्पर रहें दुर्घटना और गंभीर बीमारियों से होने वाली मौतों को काफी हद तक टाला जा सकता है।

स्फूर्ति का होता है अनुभव
निधि शर्मा के मुताबिक वह पहले भी कई बार रक्तदान कर चुकी हैं और हर बार स्फूर्ति का अहसास होता है। अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी।

खून देकर मिला आत्मिक संतोष
संतोष कुमार ने रक्तदान के तुरंत बाद प्रतिक्रिया दी कि उन्हें इस बात से काफी आत्मिक संतोष मिला कि उनका खून चार लोगों की जान बचाने के काम आएगा।

शरीर में बनता है नया खून
नृपेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान करने से शरीर में नया खून बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और कुछ दिन के बाद नई ऊर्जा मिलने का अनुभव होता है।

रक्तदान सर्वोच्च सामाजिक कार्य
सचिन बाथम ने रक्तदान करने के बाद कहा कि यह सबसे बड़ा सामाजिक कार्य है और इसके लिए हर किसी को हर समय तत्पर रहना चाहिए।

दूसरों के लिए अपना खून बहाएं
सुरेंद्र सेठी के अनुसार लोग जरा सी बात पर दूसरों का खून बहाने पर आमादा हो जाते हैं, लेकिन रक्तदान दूसरों के लिए अपना खून बहाने का अवसर देता है।

मानवता की सबसे बड़ी सेवा
कुलदीप सिंह दुआ ने रक्तदान के बाद कहा कि यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और दूसरों की जिंदगी बचाने का जज्बा हर इंसान में होना ही चाहिए।

समाजसेवा का मिला मौका
सतीश गुप्ता के अनुसार व्यवसायिक व्यस्तता के बीच इस कार्यक्रम ने समाज की ओर देखने और उसके लिए कुछ करने का मौका दिया है।

आयोजक धन्यवाद के पात्र
आशीष त्रिपाठी ने कहा कि रक्तदान शिविर लगाने जैसे पुनीत कार्य के लिए आयोजक साधुवाद के पात्र हैं। इसमें अन्य संस्थाओं को भी आगे आना चाहिए।
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