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कोहरे में रहे सावधान..नेशनल हाईवे के गड्ढे ले सकते हैं जान

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शाहजहांपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-24 के बरेली-सीतापुर के बीच जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। ओवरब्रिज अधूरे पड़े हैं। निर्माणाधीन पुलों की सर्विस लेन का बुरा हाल है। हाईवे के गहरे गड्ढे उधर से गुजरने वालों के लिए जानलेवा बन गए हैं। सर्दी बढ़ने के साथ कोहरा शुरू हो चुका है। घने कोहरे में रास्ता दिखना मुश्किल होता है। इससे बरेली-सीतापुर के बीच नेशनल हाईवे पर बेहद सावधानी से चलें। वरना गड्ढे कहीं भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
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बरेली मोड़ पर आए दिन होते हैं हादसे
बरेली मोड़ चौराहा पर सुबह से रात तक सघन यातायात रहता है। बरेली, फर्रुखाबाद, जलालाबाद, सीतापुर, लखनऊ आदि से आने वाले अधिकतर वाहन बरेली मोड़ चौराहा से शहर में दाखिल होते हैं। दो साल पहले इसी चौराहे पर क्रेन की सहायता से गार्डर रखे जाने के दौरान एक पिलर से गार्डर फिसलकर नीचे आ गिरा था। रोड क्रॉस कर रहे कांट क्षेत्र के ग्रामीण की दबकर मौत हो गई और आसपास के कई दुकानदार उसकी चपेट में आकर घायल हो गए। महानगर से हाईवे पर जुड़ने वाले मेन चौराहे की रोड पर गड्ढों के कारण भारी वाहनों के वहां हर समय पलटने का खतरा बना रहता है।
रोजा से मंडी तक अक्सर होती हैं दुर्घटनाएं
रोजा। यहां से पुत्तू लाल चौराहा तक नेशनल हाईवे पर रोजाना मंडी से खाद्यान्न एवं सब्जियों की ढुलाई करने वाले सैकड़ों भारी वाहन गुजरते हैं। इस कारण पूरे रास्ते पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। रोजा अड्डा के पास बीते माह गड्ढे में बाइक का पहिया चले जाने से एक युवक और उसकी वृद्ध मां गंभीर घायल हो गई। हालांकि, राज्य योजना में इस मार्ग के 2.95 किमी हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए शासन ने 1524.10 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। गाजियाबाद की मेसर्स शर्मा कांस्ट्रक्शन्स को अगले वर्ष जून तक कार्य पूर्ति का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन अभी तक इस मार्ग को स्वीकृत बजट की धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है।
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कटरा में कई जगह हाईवे का सफाया
मीरानपुर कटरा। नेशनल हाईवे पर गड्ढे होने से अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। गत माह भाई के साथ जा रही महिला की इन गड्ढों के वजह से बाइक से गिरकर मौत का शिकार हो गई थी। गड्ढों की वजह से कई जगह हाईवे की रोड कहीं नजर नहीं आती। हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग के पास हाईवे की हालत इस कदर बिगड़ चुकी है कि वहां से उड़ने वाले धूल के गुबार से लोगों का गुजरना मुश्किल हो रहा है। मेन चौराहे के पास दोनों साइड में सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। रामलीला ग्राउंड एवं नखासा वाले बाग के सामने भी सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सोमवार को इन्हीं गड्ढों ने हरदोई की महिला माया देवी की जान ले ली।
तिलहर में बाईपास चौराहा बना एक्सीडेंट जोन
तिलहर। हाईवे पर अधूरे पड़े निर्माण को लेकर आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। सरयू पुलिया और तिराहे मोड़ पर भी गड्ढों से अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। नगर के पश्चिम दिशा में स्थित हाईवे पर सरयू पुलिया मोड़ खतरनाक बना हुआ है यहां पर एक पुल भी निर्माणाधीन है जिसके कारण मोड़ पर आए दिन एक्सीडेंट होते रहते हैं। मोड़ के किनारे सड़क पर गड्ढे होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। बाईपास चौराहे पर ड्ढे होने के कारण तीव्र गति से आ रहे वाहनों के पलटने का अंदेशा बना रहता है।
जलालाबाद स्टेट हाईवे की बझेड़ा पुलिया जर्जर
जलालाबाद। कटरा-फर्रुखाबाद स्टेट हाइवे पर अल्हागंज की ओर दो किमी चलने पर बझेड़ा वाली पुलिया जर्जर व संकरी होने के कारण कोहरे के दौरान राहगीरों के लिए हादसों के साथ जाम लगने का सबब बन सकती है। करीब दो दशक पहले स्टेट हाईवे का दर्जा मिलने पर यह रोड चौड़ी हो चुकी है, लेकिन अंग्रेजी हुकूमत में बनी पुरानी पुलिया मेें कोई सुधार नहीं किया गया। इस मार्ग से प्रदेश के कई जनपदों के अलावा राजस्थान व मध्य प्रदेश के लिए सरकारी बसों की रात दिन की सेवा जारी है। बड़ी तादाद में लोडेड ट्रक और प्राइवेट वाहनों का आनाजाना यहां से बना रहता है। इस पुलिया से एक बार में एक ही वाहन पास हो पाता है। पुलिया के आसपास रिफ्लेक्टर आदि न लगे होने के कारण कोहरा के दौरान पुलिया के आसपास अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
नेशनल हाईवे के सभी काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की बरेली यूनिट को कराने हैं। कटरा-बिल्हौर मार्ग जब तक स्टेट हाईवे रहा, बझेड़ा पुलिया के चौड़ीकरण का प्रस्ताव कई बार शासन को भेजा गया, लेकिन उसे स्वीकृति नहीं मिल सकी। गत एक दशक की तुलना में रोड पर ट्रैफिक कई गुना बढ़ चुका है। पुलिया वाकई बेहद जर्जर है, लेकिन अब इस रोड पर भी सभी कार्य एनएचएआई के स्तर से होने हैं। - ओम प्रकाश वर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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