पुवायां के गांव बेला छेदा मेे मंदिर के पास समाधि के लिए खोदा गया गड्ढा। संवाद
पुवायां। गांव बेला छेदा निवासी 85 वर्षीय दंडी स्वामी शंभूदयाल मिश्रा की समाधि मंदिर परिसर में बनाए जाने की कोशिश किए जाने पर यहां विरोध किया गया। बाद में दोनों पक्षों में पुलिस और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में समझौता हो गया और दंडी स्वामी के शव को गोमती नदी किनारे पन्नघाट पर समाधि दी गई।
शंभूदयाल मिश्रा का रविवार रात निधन हो गया था। सोमवार सुबह दस बजे परिजन उनके शव को लेकर गांव के पास मनकामेश्वर नाथ मंदिर पर पहुंचे और समाधि देने के लिए जेसीबी से गड्ढा खोदवा दिया। जानकारी पाकर गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और मंदिर परिसर में समाधि देने का विरोध करते हुए मामले की जानकारी अधिकारियों को दी।
सूचना पर थाना प्रभारी रवि करन सिंह पुलिस फोर्स और लेखपाल के साथ मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने समाधि का कार्य रुकवा दिया। चार घंटे तक दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े रहे। लोगों का कहना था कि मनकामेश्वर नाथ मंदिर को उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन विभाग को दे रखा है और यहां पर सुंदरीकरण का कार्य भी चल रहा है। यहां समाधि दिया जाना सही नहीं है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि दंडी स्वामी के पिता की समाधि यहां ही बनी है। समाधि के पास ही दूसरी समाधि बनाई जा रही है।
सूचना पर नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराई और समझाया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मंदिर परिसर में समाधि न बनाने को सहमति बन गई। परिजन दंडी स्वामी के शव को गोमती नदी के पन्नघाट ले गए और वहां समाधि दी। नायब तहसीलदार ने बताया कि मंदिर परिसर में समाधि को लेकर विवाद था। समाधि पन्नघाट पर दी गई है, अब कोई समस्या नहीं है।
पुवायां के गांव बेला छेदा मेे मंदिर के पास समाधि के लिए खोदा गया गड्ढा। संवाद