शाहजहांपुर। नई शिक्षा नीति में बारहवीं उत्तीर्ण करने के बाद छात्र-छात्राओं को बीए-बीएससी करने के साथ ही डिग्री और डिप्लोमा कोर्स करने का विकल्प खुला है। विद्यार्थी अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कराने के साथ ही दूरस्थ शिक्षा व ऑनलाइन डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं।
बारहवीं उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थियों के कॅरिअर को लेकर काफी पशोपेश की स्थिति रहती है। वे बीए, बीएससी करना चाहते हैं, लेकिन भविष्य को आत्मनिर्भर बनने को डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी चुनना चाहते हैं। उनकी समस्या का हल नई शिक्षा नीति ने कर दिया है।
एसएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो.आरके आजाद बताते हैं कि नई शिक्षा नीति में विद्यार्थी फाउंडेशन कोर्स करने के साथ व्यावसायिक कोर्स भी चुन सकते हैं। दूरस्थ शिक्षा या ऑनलाइन के माध्यम से कंप्यूटर, पर्यावरण, एआई कोर्स, फाइनेंस, बीमा कंपनी, रिटेल बिजनेस कोर्स आदि को चुन सकते हैं। एक संस्थागत कोर्स करने के साथ दूसरा दूरस्थ शिक्षा से कर सकते हैं। इससे विद्यार्थी बीए, बीएससी पूरा कर लेगा, साथ ही डिग्री डिप्लोमा भी हाथ में आ जाएगा।
निवास प्रमाण पत्र का विकल्प हटाया
समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले छात्र-छात्राओं को निवास प्रमाण पत्र नहीं लगाना होगा। यूनिवर्सिटी ने इस विकल्प को हटा लिया है। हालांकि, विषय का विकल्प अब तक नहीं खुल रहा है। संभावना है कि इस समस्या का समाधान भी जल्द हो जाएगा।