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लॉकडाउन में खुले बाजार...कोरोना की गिरफ्त में करोड़ों का कारोबार

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शाहजहांपुर। कोरोना के चलते 47 दिन पहले लागू हुए लॉकडाउन में जिले के आटोमोबाइल, हार्डवेयर, कपड़ा, सराफा, रेडीमेड वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत तमाम प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। जनपद ग्रीन जोन मेें आने के बाद यह सभी शोरूम और प्रतिष्ठान खुल गए, लेकिन उनका धंधा परवान नहीं चढ़ रहा है। गल्ला मंडी और किराना की दुकानों पर लोग पहुंच रहे हैं। ईद को देखते कपड़ा और रेडीमेड की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या थोड़ी बढ़ी, लेकिन बाकी कारोबार पर छाया मंदी का साया हटने का नाम नहीं ले रहा है। कारोबारियों के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री 50 फीसदी भी नहीं हो रही है। लॉकडाउन में बंदी से लेकर अभी तक इन सभी व्यवसायों को 300 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान हो चुका है और कारोबारी क्षति का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
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कारोबारियों के मुताबिक सबसे ज्यादा घाटा ऑटोमोबाइल सेक्टर को उठाना पड़ रहा है। जिले में विभिन्न कंपनियों के फोर व्हीलर और टू व्हीलर वाले करीब दो दर्जन शोरूम हैं, लेकिन वाहन बिक्री बिल्कुल ठप है। सहालग का अधिकांश सीजन बीत चुका है। इसलिए कारोबार परवान चढ़ने की उम्मीदें भी धूमिल पड़ रही हैं। गर्मी के सीजन मेें बिजली के पंखे, कूलर, फ्रिज जैसे आइटम भी नहीं बिक रहे। निजी निर्माण कार्यों पर रोक लगी होने से हार्डवेयर व्यवसायी भी मायूस हैं। कारोबारियों का कहना है कि बाजार खुलने का समय बहुत सीमित होने से ग्राहक शोरूम पर आकर जरूरत की चीजों के बारे मेें पूछताछ करते हैं और इसी बीच पुलिस दुकानें बंद करानी शुरू कर देती है। इसलिए वाहन का चालान होने के भय से लोग बाजार आने से कतरा रहे हैं।
व्यवसाय वार कारोबारी नुकसान (करोड़ रुपये)
आटोमोबाइल 72
कपड़ा कारोबार 55.20
रेडीमेड 44
सराफा 49
इलेक्ट्रिक एवं इलेक्ट्रॉनिक्स 6.25
हार्डवेयर 40
अन्य 70
(आंकड़े कारोबारियों के अनुमान पर आधारित)
शोरूम खुल गए, लेकिन कोई काम नहीं है क्योंकि लोग बहुत कम निकल रहे हैं। दिन में 11 बजे ग्राहक घरों से निकलते हैं और दोपहर एक बजे से बाजार बंद कराने को पुलिस की गाड़ियां घूमने लगती हैं।
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- उमेश चंद्र पाठक, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी
सामान्य दिनों में रोजाना 10-15 ग्राहक पूछताछ करने आते हैं और एक-दो गाड़ियों की बुकिंग हो जाती थी, लेकिन अब दिन भर में दो-तीन ग्राहक आ रहे हैं। सिर्फ गाड़ियों की सर्विस हो रही है।
-अशोक अग्रवाल, आटोमोबाइल शोरूम संचालक
अभी ईद की वजह से सिले-सिलाए वस्त्रों थोड़ी बिक्री हो रही है। सामान्य दिनों की तुलना में 35 से 40 प्रतिशत बिक्री भी नहीं हो रही। दिल्ली, लुधियाना, मुंबई बंद होने से आगे माल का संकट पैदा होगा।
-हनी सिंह, रेडीमेड वस्त्र व्यवसायी
पुलिस का बाजार को लेकर नजरिया ठीक नहीं है। लोग गाडिय़ों का चालान होने के भय से घरों से नहीं निकल रहे। गर्मी के सीजन पंखों की सेल नहीं हो रही है। बाजार का समय बढ़ाकर सुबह आठ से दोपहर एक बजे होना चाहिए।
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-पंकज टंडन, बिजली सामान विक्रेता
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