शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में नशा मुक्ति के लिए ओपीडी शुरू की जाएगी। दवाई, काउंसलिंग के साथ ही मरीज की इच्छाशक्ति बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। आठ फरवरी को नशा मुक्ति केंद्र का वर्चुअल उद्धाटन केंद्रीय मंत्री करेंगे।
हालांकि, ओपीडी में नशे से पीड़ित व्यक्तियाें का अभी तक मनोचिकित्सक उपचार कर रहे थे, लेकिन बेहतर व्यवस्था नहीं होने के चलते अधिक मरीज नहीं आते थे। ओपीडी में सुविधा देने के लिए चार कमरों में ओपीडी की अनुमति केंद्र सरकार से मिल गई है। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने बताया कि अनुमति मिलने के बाद मरीजों का बेहतर तरीके से उपचार हो सकेगा। अलग से डॉक्टर और कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। नशा मुक्ति केंद्र का आठ फरवरी को सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री डाॅ.वीरेंद्र कमार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, ए स्वामी नारायण, प्रतिभा भौमिक वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। सांसद अरुण सागर व डीएम की उपस्थिति में समारोह होगा। प्राचार्य के अनुसार, पहले फेस में ओपीडी शुरू करने के बाद जल्द ही वार्ड भी बनाया जाएगा। नशे को छुड़ाने में परिवार का रोल अहम रहता है। ऐसे में मरीज को सिर्फ दवाई या काउंसलिंग से नहीं, उसके अंदर इच्छा शक्ति भी जगाना होगी। जिससे वह नशा छोड़ने को आगे आ सकें।
-नशा मुक्ति केंद्र के लिए चार कमरों की व्यवस्था की गई। शुरुआत मेंं ओपीडी में उपचार करेंगे। उसके बाद मरीज को भर्ती भी किया जाएगा। लोकार्पण के बाद अगली कार्ययोजना बनाई जाएगी।
डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज