अनुराग यादव, उपायुक्त उद्योग। संवाद
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को अपने बजट में ईज ऑफ डूइंग यानी व्यापार की सुगमता पर खास ध्यान दिया। इन्वेस्टर्स समिट के जरिये रोजगार सृजन का सुनहरा सपना भी दिखाया। शाहजहांपुर में फरवरी 2023 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में साइन किए ओएमयू धरातल पर उतरने के लिए तैयार हैं। जिले में 1756 करोड़ रुपये के 95 प्रोजेक्ट जल्द ही स्थापित हो जाएंगे। उद्योग केंद्र के अफसरों ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए निवेशकों की सूची बनाकर शासन को भेज दी है।
सोमवार को उत्तर प्रदेश के बजट में शासन का फोकस विकास और रोजगार मुहैया कराने पर रहा। जिले में जल्द ही सात हजार रोजगार के नए अवसर सृजित हो जाएंगे। गत वर्ष हुए इन्वेस्टर्स समिट में 168 निवेशकों ने करीब 78 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए सहमति दी थी। उद्योग को स्थापित करने के लिए भूमि नहीं मिलने व अन्य कई तरह की बाधाएं आने से काफी निवेशकों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए। ऐसे में उद्योग केंद्र के अफसरों ने प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए निवेशकों से व्यक्तिगत तौर पर संपर्क साधा। उनके प्रयास से 95 निवेशकों ने 1756 करोड़ रुपये के उद्योगों को स्थापित करने की सहमति दे दी। उन्होंने अपनी भूमि की पत्रावली भी अधिकारियों को उपलब्ध करा दी है। इसके बाद उनके नाम ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए सूचीबद्ध कर लिए गए हैं।
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नए औद्योगिक पार्क हो सकते हैं विकसित
-इन्वेस्टर्स समिट में निवेश करने वाले उद्यमियों को भरोसा था कि उन्हें शासन से सरकारी भूमि उद्योग लगाने के लिए मिल सकती है। उनके निवेश करने के बाद अफसरों ने स्पष्ट कर दिया कि वे भूमि दिलाने के बजाय अन्य सरकारी स्तर पर होने वाली समस्याओं का समाधान कराएंगे। भूमि नहीं मिलने से निवेशकों को मायूसी हाथ लगी थी। सोमवार को पेश किए गए बजट में उद्यमियों को नई राह मिली है। सरकार 10 एकड़ जमीन में निजी औद्योगिक पार्क बनाने पर अनुदान देगी। ऐसे में निजी पार्क विकसित होंगे। उद्यमियों को प्रोजेक्ट के लिए भूमि के लिए भटकना नहीं होगा।
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-ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए 95 प्रोजेक्ट तैयार हो गए हैं। उनकी सारी पत्रावली भी देख ली गई हैं। शासन स्तर से तिथि के आने का इंतजार किया जा रहा है।
अनुराग यादव, उपायुक्त उद्योग