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गुरु से हमेशा दया और कृपा मांगना चाहिए : संत शिवनाथ

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शाहजहांपुर में मुमुक्षु आश्रम के मैदान पर आंतरिक सत्संग समारोह में मंचासीन संत। स्रोत: आयोजक
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शाहजहांपुर। समर्थ गुरु संत डॉ.चतुर्भुज के अवतरण पर्व पर आंतरिक सत्संग समारोह रविवार को मुमुक्षु आश्रम के मैदान पर दूसरे दिन जारी रहा। सत्संग में टुंडला से आए संत शिवनाथ शर्मा ने कहा कि गुरु साक्षात ईश्वर हैं। वह बड़े भाग्यशाली होते है, जो ऐसे दिव्य दरबार में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें गुरु से हमेशा उनकी दया और कृपा ही मांगनी चाहिए, जिससे हमारा कल्याण हो सके।
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लखनऊ से आए केसी श्रीवास्तव ने कहा कि गुरु महाराज के पवित्र दरबार में बैठने का अवसर बड़े ही भाग्य से मिलता है। गुरु अपने प्रकाश से भक्तों के हृदय को पावन बनाते हैं। गुरु प्रकाश बुद्धि, मस्तिष्क पर पड़ता है तो अनर्थ विचार हटकर उत्तम विचार आते हैं।
उन्होंने कहा कि ईश्वर प्राप्ति का अन्य उपाय नहीं है। जब ईश्वर से अलग होते हैं, तो हम बार-बार जन्म व मृत्यु को प्राप्त होते हैं। यह अनवरत प्रक्रिया है। हमें यह भ्रम हो गया है कि हम इस संसार को चलाने वाली शक्ति हैं। संतजन व गुरु महाराज हमारे इस भ्रम को दूर कर उस असीम शक्ति से मिलने का मार्ग बताते हैं।
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उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति हमारा समर्पण कैसा हो, यह पंडित मिहीलाल ने अपने जीवन में चरितार्थ किया है। गुरु के कहने मात्र से सरकारी नौकरी छोड़कर परमार्थ पथ पर अग्रसर हो गए। गुरु महाराज ने उनको पूर्णता प्रदान कर अपने जैसा ही बना दिया। उन्होंने सबको एक सरल साधना दी, जिसमें हमको करना कुछ नहीं है। ग्वालियर से आए प्रदीप शर्मा ने बताया कि गुरु साक्षात ईश्वर है। गुरु आत्मा को प्रकृति से ऊपर उठा देते है। सत्संग के दौरान श्रद्धालु भक्ति से सराबोर रहे।

शाहजहांपुर में मुमुक्षु आश्रम के मैदान पर आंतरिक सत्संग समारोह में मंचासीन संत। स्रोत: आयोजक

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