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Shahjahanpur News: ददरौल में बनेगा एक किमी लंबा तटबंध

Tue, 20 Aug 2024 02:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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कुर्रियाकलां। ददरौल में गर्रा नदी के किनारे बसे करीब 12 गांवों को बाढ़ से स्थायी सुरक्षा देने के लिए सिंचाई विभाग ने वहां करीब एक किमी लंबा तटबंध बनाने का निर्णय लिया है। मानसून की विदाई के बाद अक्तूबर में सर्वे कर बाढ़ नियंत्रण परियोजना बनाई जाएगी। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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तटबंध बनने से आसपास के गांवों में कृषि उपयोग की कीमती जमीनों का कटान रोकने में भी मदद मिलेगी। जुलाई के पहले सप्ताह में हुई भारी वर्षा से गर्रा नदी में पानी सामान्य से काफी अधिक हो गया था। शहर के कई तटवर्ती मोहल्लों समेत ददरौल ब्लाॅक के करीब 12 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। नदी में उफान बढ़ा तो भमौली गांव के पूर्व दिशा में भूमि कटान होने लगा।
गुर्रा, चौहनापुर, हीरपुर, हुसैनपुर, माधोपुर, ताहरपुर, फत्तेपुर, आजादपुर, कुटरा, निकरा, डहरा, प्रहलादपुर आदि गांव बाढ़ से घिर जाने से वहां का जनजीवन संकट में पड़ गया था।
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मिट चुका गुर्रा गांव का अस्तित्व
ददरौल क्षेत्र गर्रा की बाढ़ से पहली बार प्रभावित नहीं हुआ। इससे पहले वर्ष 2008 और उसके बाद 2012 में भी बाढ़ आने से कई तटीय गांवों में सैकड़ों बीघा कृषि भूमि कट चुकी है। गुर्रा गांव के करीब 50 कच्चे-पक्के घर भी बाढ़ से हुए भूमि कटान की चपेट में आ गए। अब गुर्रा में गिने-चुने कुछ परिवार बचे हैं, क्योंकि एक दशक पहले जहां आबादी की बसावट थी, वहां नदी की धारा बह रही है। ग्रामीणों के अनुसार, इस बार बाढ़ ने ज्यादा रौद्र रूप दिखाया।

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केंद्रीय मंत्री जितिन ने तटबंध बनाने के दिए थे निर्देश

बाढ़ के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने ददरौल क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित भमौली, गुर्रा आदि कई गांवों का दौरा किया था। भमौली गांव में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी बांटी थी। इस दौरान वहां के लोगों ने उनसे अपने गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए गर्रा के किनारे पक्के तटबंध बनवाने की मांग की थी। इस पर उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को क्षेत्र के सभी गांवों को बाढ़ से स्थायी सुरक्षा देने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसीलिए सिंचाई विभाग ददरौल क्षेत्र की बाढ़ नियंत्रण परियोजना तैयार करने के लिए मानसून सीजन खत्म होने का इंतजार कर रहा है। बाढ़ नियंत्रण परियोजना उसी क्षेत्र में लागू होती है, जहां कई गांवों के समूह को बाढ़ से सुरक्षा देना आवश्यक हो जाता है। केंद्रीय मंत्री के निर्देश को ध्यान में रखते हुए अक्तूबर में इसके लिए बाढ़ प्रभावित गांवों के आसपास सर्वे कराया जाएगा, क्योंकि 30 सितंबर तक मानसून प्रभावी रहता है।



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सर्वे पर निर्भर रहेगा तटबंध का आकार

-सिंचाई विभाग (शारदा नहर खंड) के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर ने बताया कि सर्वे में यह देखा जाएगा कि नदी की धारा किस दिशा मेें मुड़ रही है। यदि विपरीत दिशा में आबादी होगी तो उसी दिशा में निर्माण कार्य होगा। ददरौल क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों की भौगोलिक स्थिति के अनुसार प्रस्तावित तटबंध की लंबाई लगभग एक किमी से कुछ कम अथवा अधिक हो सकती है। तटबंध का आकार सर्वे की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
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