राजकीय पुस्तकालय में प्रतियोगी छात्रों समेत आम पाठकों को अनेक पुस्तकें उपलब्ध होने पर भी पढ़ने को नहीं मिल पातीं। वहां स्वीकृत पत्रिकाओं की तुलना में मैगजीन भी कम मिल रही हैं। पुस्तकालय की इन्हीं खामियों को दूर कराने के लिए शहर के पाठकों और प्रतियोगी छात्रों ने एडीएम प्रशासन से भेंट की। उन्होंने एडीएम को ज्ञापन देकर पुस्तकालय की व्यवस्थाएं सुधारे जाने का अनुरोध किया।
राजकीय पुस्तकालय में नियमित अध्ययन करने वाले सुशील कुमार, श्रीनिवास माथुर, सुधीर कुंमार, मुरारी लाल, दीपू राठौर, पीके सिंह आदि ने बताया कि लाइब्रेरी में दस से अधिक पत्रिकाएं अनुमन्य होने के बावजूद केवल चार-पांच पत्रिकाएं मंगाई जा रही हैं। पिछले माह की मैगजीन लाइब्रेरी में उपलब्ध नहीं हैं। पुस्तकालय कभी समय से नहीं खुलता और अध्यक्ष घर जाने के लिए दोपहर 12 बजे लाइब्रेरी बंद करा देते हैं। शासन से पुस्तकालय को एक एलसीडी और पांच कंप्यूटर मिले, लेकिन इस सुविधा का लाभ भी नहीं मिला। डीआईओएस से शिकायत करने पर भी कोई नतीजा नहीं निकला।
एडीएम ने समस्याओं का निदान कराने का आश्वासन दिया। उनसे भेंट करने वालों में रंजीत कुमार, राजकुमार, गुरमीत सिंह, मनोज कुमार, योगेश कुमार, सुनील वर्मा, सर्वेश कुमार आदि शामिल रहे।