सुहागिनों ने इच्छा नवमी पर आंवला के पेड़ की पूजा कर परिवार की
सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सुहागिनों ने उपवास रखकर आंवला के
पेड़ की रोली, अक्षत से पूजा कर आटे की छोटी-छोटी लोई बनाकर फल और मिष्ठान
के साथ अर्पित की तथा आंवला का फल भेंट किया। इसके बाद महिलाओं ने कच्चा धागा पेड़ पर लपेट कर पूड़ी, मिष्ठान आदि का भोग भी लगाया।
शहर में सुबह से ही बाबा बनखंडीनाथ मंदिर, आयुर्वेदिक अस्पताल, मारवाड़ी पाठशाला आदि स्थानों पर आंवला के पेड़ की पूजा की। पूजा के बाद उन्होंने उपवास खोला। आंवला पेड़ की पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं उमड़ती रहीं। कहा जाता है कि आज के दिन आंवला पेड़ पर देवताओं का वास होता है और सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है।