धान की खरीद करने वाली जो सरकारी एजेंसियां विभिन्न मदों में बकाया भुगतान को लेकर जानबूझकर देरी करेंगी, जिले के राइस मिलर्स उनका बहिष्कार करेंगे। शाहजहांपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन की होटल रॉयल पन्ना में हुई बैठक में इसी आशय का निर्णय किया गया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाकांत मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में राइस मिल मालिकों ने सरकार के स्तर से चावल उद्योग को बढ़ावा दिए जाने की सराहना की, लेकिन यूपीएसएस, पीसीएफ आदि क्रय एजेंसियों और बरेली के संभागीय वरिष्ठ लेखाधिकारी कार्यालय स्तर से धान सूखन, धान हलिंग, परिवहन आदि मदों में बकाया भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। तय किया गया कि जिस एजेंसी पर मिलर्स का भुगतान बकाया रहेगा, मिल मालिक उस एजेंसी का धान हलिंग संबंधी काम नहीं करेंगे।
इस मौके पर सीएजी की रिपोर्ट के विरोध में प्रदेश अध्यक्ष राकेश अग्रवाल के आह्वान पर 24 सितंबर को दिल्ली में जुतर-मंतर पर फेडरेशन ऑफ आल इंडिया राइस मिलर्स की ओर से प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन पर चर्चा हुई। सभी ने इस कार्यक्रम का समर्थन करते हुए दिल्ली चलकर इस आयोजन को सफल बनाने का वायदा किया। बैठक मेें सुरेश चंद्र सिंघल, जगदीश अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, सुधीर अग्रवाल, विष्णु सरन अग्रवाल, खुशीराम, नवनीत गुप्ता, हर्षवर्धन अग्रवाल, राकेश गोयल आदि मौजूद रहे।