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जिला पंचायत में खोजा जा रहा पुराना रिकार्ड 

Tue, 13 Jun 2017 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
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जिला पंचायत में ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए पुराने रिकार्ड की खोजबीन का काम तेज कर दिया गया है। प्रदेश के पंचायतीराज राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी के स्तर से जिला पंचायतों की समीक्षा में पीलीभीत और शाहजहांपुुर समेत कई जिलों में ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद जिला पंचायत में पुराने अभिलेखों और फाइलों की तलाश तेज कर दी गई है। लंबित ऑडिट आपत्तियां करीब चार से पांच दशक पीछे की पाई गई हैं। 
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1.25 करोड़ रुपये लक्ष्य से अधिक हुई वसूली
पंचायतीराज राज्यमंत्री की समीक्षा बैठक मुख्यत: दो बिंदुओं पर केंद्रित रही। लक्ष्य के अनुरूप आय और ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण की समीक्षा से पता चला कि पूर्वांचल के कई जिलों में जिला पंचायतों ने शासन से नियत लक्ष्य से राजस्व की कम वसूली की, वहीं शाहजहांपुर जिला पंचायत ने विगत वित्त वर्ष की भांति गत वित्त वर्ष में भी निर्धारित सवा करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष करीब दो करोड़ रुपये राजस्व वसूला। 
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निस्तारण के लिए 300 आपत्तियां
समीक्षा से यह भी पता चला कि प्रदेश की 15 जिला पंचायतों में ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति खराब है। इस सूची में शाहजहांपुर का नाम शामिल होने पर जिला पंचायत कार्यालय में बरसों से लंबित आपत्तियों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल सिंह यादव ने बताया कि तमाम आपत्तियां कई दशक पुरानी हैं। एएमए के अनुसार ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए 30-40 साल पुराना रिकार्ड खोजा जा रहा है।
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सन् 1960-65 से लंबित हैं ऑडिट आपत्तियां 
खास यह है कि कई ऑडिट आपत्तियां सन् 1960-65 से जिला पंचायत में लंबित हैं। इससे पहले कांग्रेस, सपा, बसपा आदि पार्टियों से जुड़े चेहरे जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर रहे, लेकिन उनके कार्यकाल में भी इन आपत्तियों को कोई तवज्जोे नहीं मिली। जिला पंचायत के प्रधान लिपिक अनिल द्विवेदी के अनुसार जिला पंचायत कार्यालय की गुजरे सालोें में नए भवन में शिफ्टिंग के दौरान तमाम पुराने रिकार्ड का स्थान बदलने से उसे खोजने में समय लग रहा है।
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प्रदेश में गैर भाजपाई सरकारों के कार्यकाल में जिला पंचायत की व्यवस्था जिन लोगों के हाथों में रही, उन्होेंने जनता के बीच पंचायतीराज ले जाने के बजाय अपने हित साधने के लिए जिला पंचायत का अधिक इस्तेमाल किया। अध्यक्ष पद का कार्यभार लेने के बाद से जिला पंचायत को सुधार की ओर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इन कोशिशों के सकारात्मक परिणाम लक्ष्य से अधिक राजस्व वसूली के तौर पर मिले है। ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए है। 
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-अजय प्रताप सिंह यादव, अध्यक्ष, जिला पंचायत
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