पुवायां (शाहजहांपुर)। डीएम कार्यालय पर धरना देने के लिए भाकियू कार्यकर्ताओं के लाठी डंडा लेकर रवाना होने का पता लगने पर अफसरों में खलबली मच गई। एडीएम प्रशासन और एसपी ग्रामीण ने पुलिस व पीएसी के साथ रास्ते में ही भाकियू के कार्यकर्ताओं को रोक लिया तो वे हंगामा करने लगे।
सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव कटिया बुजुर्ग निवासी रामसेवक ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने दीवार बनाकर रास्ता बंद कर दिया है। पुलिस के कार्रवाई न करने पर भाकियू (भानु गुट) के कार्यकर्ता 15 अक्तूबर से एसडीएम के पुराने कार्यालय के पास भूख हड़ताल पर बैठे थे। कार्यकर्ताओं ने 20 अक्तूबर तक रास्ते पर बनी दीवार न हटाए जाने पर 21 अक्तूबर से डीएम आवास पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था। इसके बावजूद पुलिस और तहसील प्रशासन ने नहीं सुनी। रामसेवक मंगलवार रात अपना घरेलू सामान गाड़ी में भरकर परिवार सहित धरना स्थल पर पहुंच गए थे।
बुधवार सुबह करीब दस बजे बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता धरना स्थल पर एकत्र होने लगे। इसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम दशरथ कुमार व सीओ नवनीत कुमार नायक ने धरना स्थल पर जाकर भाकियू नेताओं को समझाने की कोशिश की। भाकियू नेता दीवार हटवाने की मांग पर अड़े थे। मामला गर्माता देख पुवायां के अलावा बंडा, खुटार और सिंधौली थाने की पुलिस बुला ली गई। दोपहर करीब एक बजे भाकियू नेता और कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के साथ पैदल डीएम कार्यालय के लिए रवाना हुए। इससे अफसरों के हाथ पैर फूल गए। रास्ते में भी एसडीएम व सीओ समझाने की कोशिश करते रहे। उधर, एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी और एसपी अपर्णा गौतम ने पीएसी के साथ पहुंचकर पीरू गांव में भाकियू नेताओं को रोक लिया और किसान नेताओं से बात की। इस पर भाकियू कार्यकर्ता सड़क पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।
भाकियू नेताओं को एडीएम ने बताया कि दीवार के मामले में कोर्ट का स्टे होने के कारण उसे नहीं हटाया जा सकता। समस्या का निदान करने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए। भाकियू जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव ने कहा कि पीड़ित रामसेवक काफी समय से दीवार हटवाने की गुहार लगा रहा है। भाकियू कार्यकर्ता भी छह दिन तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे, तब पुलिस, प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की। बातचीत नहीं बनी तो करीब आधा घंटे बाद भाकियू कार्यकर्ता पीरू गांव से रवाना हो गए। ं
चार थानों की फोर्स और पीएसी रही तैनात
-भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ चार थानों की फोर्स और पीएसी चल रही है तो किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी लाठी, डंडे लेकर पुलिस, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय की ओर जा रहे हैं। इस दौरान अधिकारियों की किसान नेताओं से वार्ता के चलते कई बार हाईवे पर जाम भी लगा।
पस्त हुए पुलिस के जवान
-करीब सात किमी पैदल चलने और पूरे दिन वार्ता आदि के कारण खड़े रहने के चलते पुलिस के जवान पस्त हो गए। शाम को पुलिसकर्मी वाहनों पर बैठकर किसानों के साथ चलने लगे।
गांव कटिया बुजुर्ग में खड़ंजा पर दीवार बनाकर रास्ता बंद किया गया है। 15 अक्तूबर को इस मामले में स्टे हासिल कर लिया गया है। प्रशासन की ओर से कोर्ट में सही तथ्यों को पेश करके स्टे खारिज कराया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन, शाहजहांपुर