शाहजहांपुर। नवरात्र पर अधिकांश श्रद्धालु फलों के अतिरिक्त आलू, लौकी आदि सब्जियां व्रताहार में सेवन करते हैं, लेकिन इन दिनों सभी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। सब्जियों की कीमतों की लॉकडाउन के पहले के दामों से तुलना करें तो आलू के दाम दोगुने हो चुके हैं और हरी सब्जियां भी 30 से 40 प्रतिशत महंगे दामों पर बिक रही हैं। 20 रुपये किलो वाला पुराना आलू 40 रुपये में पहुंच गया है, जबकि नया आलू 50 रुपये किलो बिक रहा है। इन दिनों दस रुपये किलो बिकने वाली मूली और लौकी 20 रुपये, टमाटर 50 से 60 रुपये, प्याज 60 रुपये और गोभी 60 से 70 रुपये किलो बिक रही है।
फुटकर आलू विक्रेताओं के अनुसार इन दिनों आलू की मांग बढ़ी होने से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए थोक विक्रेता कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी बहुत कम कर रहे हैं क्योंकि आलू की नई फसल आने में अभी एक माह का वक्त लगेगा। इससे निमभन और मध्य आय वर्ग के परिवारों में रसोई का बजट भी प्रभावित हो रहा है।
जिले में करीब 10500 हेक्टेयर में हर साल आलू की खेती होती है। इसके अतिरिक्त 24 से 25 हजार हेक्टेयर में प्याज, टमाटर, लौकी, तोरई, बैंगन, खीरा, शिमला मिर्च, भिंडी, अरबी आदि फसलें उगाई जाती हैं। खास यह है कि खपत की तुलना में यहां पैदावार कम होने से आलू, प्याज, टमाटर, हरी मटर आदि मंडी के सब्जी आढ़ती उत्तराखंड समेत अन्य कई राज्यों से मंगाते हैं, लेकिन खीरा की खेती इतने बड़े पैमाने पर होती है कि यहां से ट्रक भरकर दिल्ली, लखनऊ, मेरठ आदि दूरस्थ शहरों तक जाते हैं। लॉकडाउन में यह सारी सब्जियां सस्ते दामों पर बिकीं, लेकिन बारिश शुरू होने पर लतावर्गीय सब्जियों में शामिल खीरा, लौकी, तोरई, कुंदरू, करेला आदि की बेल पानी में खराब होने लगीं। अब मानसून की विदाई के बाद गोभी और करेला को छोड़कर आलू समेत अधिकांश सब्जियां आंखेें तरेर रही हैं।
प्रमुख सब्जियों के फुटकर रेट (रुपये प्रति किलो)
लॉकडाउन के दौरान वर्तमान दरें
आलू नया 35 से 40 45 से 50
आलू पुराना 15 से 20 35 से 40
टमाटर 20 से 25 50 से 60
गोभी 60 से 80 50 से 60
तोरई 08 से 10 20 से 25
लौकी 05 से 10 20 से 30
भिंडी 15 से 20 25 से 30
अरबी 30 से 40 40 से 50
बैंगन 15 से 20 25 से 30
करेला 60 से 80 50 से 60
आलू के धंधे मेें जिले के कई पूंजीपति मिल मालिक भी कूद पड़े हैं। उन्होंने बड़े काश्तकारों से सीधे आलू खरीदकर कोल्ड स्टोर में पहुंचा दिया और हम जैसे थोक विक्रेताओं से मनमाने रेट ले रहे हैं। इन दिनों रोजा मंडी में फर्रुखाबाद, आगरा से रोजाना सिर्फ 1000-1500 कट्टा आलू की आवक हो रही है और जिले के कोल्ड स्टोर से सिर्फ 400-500 कट्टों की निकासी हो रही है। प्याज नासिक और जलगांव से आता है, लेकिन महाराष्ट्र में बाढ़ के कारण प्याज की आवक कम हो गई है।
- रामरतन, आलू-प्याज आढ़ती, रोजा मंडी
जायद सीजन मेें उगी सब्जियों की खपत हो चुकी है। खरीफ सीजन की सब्जियां बाजार पहुंचने तक अभी 15 दिन का समय लगेगा। दो सीजन के गैप की इस अवधि में हर साल सब्जियों के दाम थोड़े चढ़ते हैं और कुछ दिन बाद रेट सामान्य हो जाते हैं। जिले मेें कुल 28 कोल्ड स्टोर हैं, जिनमें से एक अनियमितताओं में बंद कराया जा चुका है। विभागीय उच्चाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस मेें मिले आदेशानुसार जिले के सभी कोल्ड स्टोर संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि हर हाल में 30 अक्तूबर तक पुराने आलू की निकासी करें, अन्यथा संबंधितों पर कार्रवाई होगी।
- राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी