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Shahjahanpur News: हाईवे किनारे की जमीनों से अब ज्यादा सर्किल रेट वसूलने का मसाैदा तैयार

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शाहजहांपुर। शहर में हाईवे किनारे की जमीनों का अब 15 फीसदी तक ज्यादा सर्किल रेट वसूलने का मसौदा तैयार किया गया है। 21 नवंबर तक आपत्तियां लेने के बाद डीएम स्तर से यह प्रभावी हो जाएगा। रिहायशी, व्यावसायिक और कृषि उपयोग वाली जमीनों की खरीद-फरोख्त में भी सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव बना है।
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जिले में सर्किल रेट की वर्तमान दरें पांच जनवरी 2024 को निर्धारित हुई थीं। कोरोनाकाल में सर्किल रेट बढ़ाने की वार्षिक प्रक्रिया थमी रही। इससे पहले हर साल औसतन 10-15 फीसदी की दर से सर्किल रेट बढ़ते रहे। इस बार सर्किल रेट शून्य से 15 प्रतिशत तक बढ़ाए जाने प्रस्तावित किए गए हैं।

शहर क्षेत्र में नौ कॉलोनियां विकसित हुईं है। उनका नया सर्किल रेट निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही पुवायां रोड, हथौड़ा रोड, मोहम्मदी रोड, बरेली रोड, सीतापुर रोड पर विकसित हो रहीं कॉलोनियों का सर्किल रेट दस से 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का मसाैदा तैयार कर लिया गया है। आपत्तियां सुनने के बाद सर्किल रेट प्रभावी होगा। इसको लेकर विभागीय तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वहीं, कातिब और रजिस्ट्री दफ्तर के अधिकारियों की निगाह इस पर टिकी हुई है।
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रिहायशी इलाकों में और बढ़ जाएंगे जमीन के दाम

हाईवे किनारे जमीनों की बिकवाली अधिक होती है। इसके देखते हुए शहर से निकलने वाले लगभग सभी हाईवे पर सर्किल रेट 15 फीसदी तक बढ़ाया गया है। इसके साथ ही शहर में रिहायशी इलाकों के सर्किल रेट भी बढ़ाए गए हैं। उप निबंधक कार्यालय के अनुसार कृषि भूमि पर भी 10 प्रतिशत सर्किल रेट बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। इसमें अधिकतर वे जमीनें शामिल हैं, जहां पर अच्छी पैदावार होती है। जिनके लगातार बैनामा हो रहे हैं, इसको भी आधार बनाया गया है। इसके साथ ही विकासशील गांवों के भी सर्किल रेट बढ़ेंगे।



प्रशासन इस तरह से करता है मूल्यांकन

सर्किल रेट से खरीद अथवा बिक्री की गई संपत्ति का मूल्यांकन किया जाता है। उदाहरण के लिए किसी क्षेत्र की जमीन का सर्किल रेट दस हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है तो 100 वर्गमीटर जमीन का मूल्यांकन करने के लिए प्लॉट के क्षेत्रफल का सर्किल रेट से गुणा करने से जमीन की कीमत दस लाख रुपये मानी जाएगी। भले ही उसका सौदा पांच लाख रुपये में हुआ हो। दस लाख रुपये की जमीन पर सात फीसदी दर से 70 हजार रुपये स्टांप शुल्क देना पड़ता है। अगर उस क्षेत्र का सर्किल रेट दस फीसदी बढ़ा तो 77 हजार रुपये स्टांप शुल्क देय होगा।



बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी महंगी होगी प्राॅपर्टी

शहर में लोधीपुर और बरेली मोड़ के आसपास का इलाका इस वर्ष लगातार दूसरी बार बाढ़ से प्रभावित रहा। बरेली मोड़ से कांट रोड, तिलहर रोड और सीतापुर रोड पर कई नई कॉलोनियां हाल ही में विकसित होनी शुरू हुई हैं। बाढ़ आने के बाद इन कॉलोनियों में जमीन खरीदने में निवेशक हिचक रहे हैं। हालांकि, यहां पर भी सर्किल रेट बढ़ना प्रस्तावित हैं। बाढ़ की आशंका के मद्देनजर इन इलाकों में बैनामों की संख्या वैसे भी कम हुई है। लखनऊ-दिल्ली हाईवे किनारे की जमीन की खरीदारी पर भी असर पड़ा है। खासतौर पर कांट रोड पर कई नई कॉलोनियां विकसित हुई हैं, लेकिन यहां उतने खरीदार नहीं पहुंच रहे।



21 नवंबर तक दें आपत्तियां

एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि शासनादेश एवं उत्तर प्रदेश स्टांप (संपत्ति का मूल्यांकन) द्वितीय संशोधन नियमावली 2013 के तहत पुनरीक्षण करते हुए आगामी प्रभावी होने वाली वार्षिक मूल्यांकन सूची को अनंतिम रूप से आम जनता के देखने के लिए प्रकाशन कर दिया गया है। प्रस्तावित दरों की प्रतियां सभी एसडीएम, तहसीलदारों और उपनिबंधकों के कार्यालय में उपलब्ध हैं। प्रस्तावित संशोधन की दरों के संबंध में किसी व्यक्ति या संगठन की कोई आपत्ति या कोई सुझाव हो तो वह 21 नवंबर तक एडीएम वित्त एवं राजस्व कार्यालय, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, संबंधित तहसील के उपनिबंधक कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर शाम पांच बजे तक प्रस्तुत कर सकता है। 21 नवंबर के बाद किसी भी आपत्ति एवं सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम रूप से प्रभावी कर दिया जाएगा।
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