सपा का कार्यकर्ता निकला अपात्र राशन कार्ड धारक
सदर तहसील के अंतर्गत मोहल्ला बिजलीपुरा में कोटेदार संध्या अग्निहोत्री की दुकान पर शनिवार को डीएम आकस्मिक निरीक्षण को पहुंचीं। मौके पर मौजूद एक राशनकार्ड धारक से पूछताछ शुरू की तो उसने अपना नाम आसिफ अली बताया और सपा कार्यकर्ता के तौर पर अपना परिचय दिया। नियमों की कसौटी पर मौके पर उसका सत्यापन किया गया तो वह अपात्र निकला। इस पर उसने सफाई दी कि वह गल्ला उठाकर गरीबों में वितरित कर देता है। डीएम ने कहा कि यह नहीं चलेगा और तुरंत यह नाम पात्रों की सूची से काटते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। यह सुनते ही उसने खुद ही अपना नाम कटवाकर विधिक कार्यवाही के लपेटे में आने से मुक्ति पाई। डीएम ने उसे, पूर्ति विभाग के स्टाफ और कोटेदार तीनों को चेताया कि अपात्रों को किसी भी हालत में राशन न वितरित हो एवं पात्र किसी भी दशा में गल्ला पाने से वंचित ना रहें।
इस दुकान संबंधी काफी शिकायतें मिलती रहने पर शनिवार को डीएम यहां औचक निरीक्षण पर पहुंची थीं। उन्होंने पाया कि यह कोटेदार अपने सभी 318 राशन कार्ड धारकों को गल्ला वितरण कर रही है, जिसमें अनेक अपात्र राशन कार्ड धारक हैं। डीएम के सवाल पर कोटेदार ने बताया कि मृतक आश्रित में वर्ष 2008 में यह कोटा उसे आवंटित हुआ था एवं अभी तक उसी के नाम से चल रहा है। राशन वितरण रजिस्टर चेक करने पर मिला कि 143 राशन कार्ड धारकों को राशन वितरण हो चुका है एवं स्टाक में 13.47 क्विंटल गेहूं और 8.94 क्विंटल चावल बचा है। डीएम ने पूछा कि बीते पांच अगस्त को राशन का उठान किया तो अब तक सभी को खाद्यान्न क्यों नहीं बांटा। इस पर जवाब मिला कि प्रतिदिन दुकान खोलते हैं और जो राशन लेने आते हैं एवं जिनके पास ऑनलाइन रसीद बनी है उन्हीं को राशन देते हैं। डीएम ने पूर्ति कार्यालय के नफीस को निर्देश दिए कि इस दुकान का राशन किन-किन को दिया जा रहा है, इसे वह स्वयं रुक कर चेक करें। महिला कोटेदार को उन्होंने अपात्र कार्डधारकों की सूची बनाकर संबंधित कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा।