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Shahjahanpur News: नहरों में पानी नहीं... सूख रहीं फसलें, किसान परेशान व जिम्मेदार खामोश

Mon, 03 Jun 2024 04:21 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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अजीजगंज-चौहनापुर नहर गांव नौगवां के पास सूखी हुई। संवाद
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शाहजहांपुर। जिलेभर की अधिकतर नहरों में पानी नहीं है। खेतों में फसलें सूख रही हैं। इससे किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती है। अब तक सिल्ट की सफाई तक नहीं की गई है, लेकिन जिम्मेदार खामोश हैं।
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खेतों में इस वक्त गन्ने की गुड़ाई और धान की नर्सरी तैयार की जा रही है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। उनका कहना है कि नहरों की सफाई नहीं हुई है। ऐसे में पानी छोड़े जाने पर नहर कटने की संभावना अधिक रहेगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले की अधिकतर नहरों की सफाई हो चुकी है।
अजीजगंज डैम से चौहनापुर तक 28 किलोमीटर लंबी नहर है। गर्मियों के सीजन में नहर में पानी न के बराबर रह जाता है, जब किसानों को पानी की जरूरत नहीं होती है, तब नहर में पानी छोड़ा जाता है। चांदापुर से बरेली-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग तक पांच किलोमीटर लंबे माइनर की सफाई कई वर्षों से नहीं हुई है। बेमौसम पानी छोड़ जाने से फसलों को क्षति पहुंचती है।
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नहर में वर्ष में सिल्ट सफाई व झाड़ी सफाई के लिए दो बार बजट जारी होता है। अजीजगंज से चांदापुर तक साफ-सफाई के नाम पर खानापूरी होती है।



बोरिंग से करनी पड़ रही सिंचाई



मीरानपुर कटरा क्षेत्र में शारदा नहर में पानी नहीं होने से किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। बोरिंग से किसानों को खेत की सिंचाई करनी पड़ रही है। सर्किल में मुख्य ब्रांच शारदा नहर से 15 रजबाहे निकले हैं। क्षेत्र में फसलों का सिंचित पानी खेतों तक पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से हर वर्ष माह नवंबर-दिसंबर में नहरों की सिल्ट सफाई एवं पटरी मरम्मत का कार्य कराया जाता है, लेकिन इस वर्ष सिर्फ झाड़ी सफाई का काम हुआ है। नहर विभाग के जेई प्रभास ने बताया कि सभी नहरों में किसानों की फसलों का सिंचित पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष नहरों की सिल्ट सफाई और पटरी के मरम्मत के स्थान पर झाड़ियों की सफाई कराई गई है।

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कांट-कुर्रिया कलां नहर में नहीं हुई सफाई
कुर्रिया कलां में कांट ब्लॉक में नहर गंगानगर, बाबरपुर, कौढ़ा, बिरुआमई, सरथौली, बहरी कुर्रिया, कुर्रिया कलां, जसनपुर से नगला जाजू रजबाहे से बरेंडा, कटैया, बहादुरापुर, रशेम, नगला एवं गुरथना माइनर से उमराह, भानपुर, रावतपुर समेत इमलिया माइनर एवं रत्नापुर माइनर से कई गांवों की हजारों हेक्टेयर जमीन सिंचित होती है। सिंचाई विभाग ने 2020 में बड़ी नहर की सफाई करा दी, लेकिन छोटे रजबाहों की सफाई नहीं हुई। नहर में पानी नहीं पहुंचने से किसान परेशान हैं। सिंचाई के लिए अन्य संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं।
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कौढ़ा के पास से निकले माइनर की सफाई कई वर्षों से नहीं हुई, जिसकी वजह से अक्सर नहर कट जाती है। किसानों के खेतों में पानी भर जाता है। इस ओर कोई ध्यान नहींं दिया जा रहा है।
देवेंद्र यादव, ग्राम प्रधान इमलिया


गुरथना माइनर की सफाई बहुत पहले हुई थी। पटरी पर घास उग आई है। नहर में जब पानी छोड़ा जाता है तो नहर कट जाती है। इसकी वजह से किसानों का नुकसान होता है।
दिलीप कुशवाहा, ग्राम प्रधान गुरथना
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बड़ी नहरों की सफाई नहीं होती है। छोटी नहरों की सफाई का काम नवंबर और दिसंबर में पूरा करा दिया गया। जिले की सभी नहरों की सफाई हो चुकी है। अजीजगंज से निकलने वाली नहर टयूबवेल विभाग की है। सिंचाई विभाग की सभी नहरों में सफाई करा दी गई है।
- सुनील भास्कर, एक्सईएन, सिंचाई विभाग

अजीजगंज-चौहनापुर नहर गांव नौगवां के पास सूखी हुई। संवाद

अजीजगंज-चौहनापुर नहर गांव नौगवां के पास सूखी हुई। संवाद

अजीजगंज-चौहनापुर नहर गांव नौगवां के पास सूखी हुई। संवाद

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