किसी को पता ही नहीं कब 294 गांव विद्युतीकृत हुए
विकास भवन सभागार में बुधवार को हुई जिला विद्युत सलाहकार समिति की बैठक में पहुंचे जिले के जनप्रतिनिधियों ने बिंदुवार बिजली अधिकारियों की मनमानी गिनाते हुए सवाल दागने शुरू किए तो सकपकाए बिजली अधिकारियों को जवाब देते नहीं बना। बिना इस समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों की जानकारी के ही कागजों पर 294 गांवों का विद्युतीकरण कर दिए जाने पर खूब हंगामा कटा। अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कृष्णा राज ने कि कहा कि इस जिले के लिए 2.93 करोड़ रुपये का डीपीआर बना था, लेकिन बिना समिति के अनुमोदन के ही कार्य कराया गया। यह तो विभाग की सरासर मनमानी है। बैठक के लिए कोई एजेंडा भी विभाग ने नहीं रखा। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत को निर्देश दिये कि कराए गए काम की सूची सभी जनप्रतिनिधियों को दें एवं समस्त औपचारिकता पूर्ण कर 15 दिन में पुन: बैठक करायें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत कार्य करने वाली एजेंसी का कार्य संतोषजनक नहीं रहा है। प्रदेश पिछडा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने कहा कि यदि कार्य करने वाली संस्था द्वारा गुणवत्तापूर्ण कार्य नही किया जा रहा है तो डीएम उनके विरूद्ध विभाग को पत्र लिखते हुए जांच कराये। बैठक में मीरानपुर कटरा से विधायक कटरा राजेश यादव ने कहा कि कुछ गांव में विद्युतीकरण किया जाता है तो आधे-अधूरे कार्य होते है। जैतीपुर के ग्राम गढ़ीया रंगीन में आधे-अधूरे कार्य किये गये है। उन्होंने कहा कि विभाग के जेई, एसडीओ, अधिशासी अभियंता अपना मोबाइल नहीं उठाते है। कई जगहों के ट्रांसफार्मर खराब हो जाने पर देरी से बदले जाते है। जलालाबाद विधायक नीरज मौर्य ने कहा कि ग्राम गुनारा का ट्रांसफार्मर 15 दिन बाद बदला गया और गांव वालों से पैसे भी लिए गये जबकि कलान के पृथ्वीपुर कुबेरपुर का ट्रांसफार्मर एक वर्ष से खराब है किंतु नहीं बदला गया।
नगर विधायक सुरेश खन्ना ने कहा कि नगर के लिए जो आईपीडीएस योजना के अंतर्गत 65.96 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं उससे कराए गए कामों का ब्योरा रखा जाए एवं नगर के डीपीआर के तहत आवंटित 45 करोड़ रुपये के खर्च वाले काम की सूची दी जाए। इसके बाद डीएम राम गणेश ने अधीक्षण अभियन्ता विद्युत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह बैठक किस विषय की है और इसकी क्या तैयारी है, यह तक विभाग वालों को न मालूम होना गंभीर लापरवाही है। निर्देश दिया कि जो 69 मजरे डबल विद्युतीकृत हो गये हैं उनके स्थान पर जनप्रतिनिधियों से सूची लेकर विद्युतीकरण करायें। जिन 669 गांव में विद्युतीकरण हुआ है लेकिन गुणवत्ता खराब रही, उसे भी सही कराएं। उन्होंने दो टूक चेताया कि विभाग के तैनात जेई, एसडीओ अपनी तैनाती स्थल पर ही रहे और जनप्रतिनिधियों का कॉल रिसीव न करने पर उन पर कार्रवाई होगी। बैठक में जिला पंचायत अजय प्रताप सिंह यादव, सीडीओ टीके शिबु आदि भी मौजूद थे।