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Shahjahanpur News: स्वाइन फ्लू के तीन मरीज मिलने के बाद भी नहीं लिया सबक, टूट रहे बचाव के नियम

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राजकीय मेडिकल कॉलेज में रक्त नमूना केंद्र के बाहर लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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शाहजहांपुर। जिले में तीन लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने और अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद राजकीय मेडिकल कॉलेज में संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन होता नहीं दिखा। ओपीडी से लेकर जांच केंद्रों तक मरीजों की भीड़ लगी रही। न तो शारीरिक दूरी का पालन कराया जा रहा था और न ही मरीजों व कर्मचारियों के लिए मास्क की अनिवार्यता नजर आई। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
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प्रदेश में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी होने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में 12 बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर भी दो-दो बेड आरक्षित किए जाने का दावा किया गया है। अब तक स्वाइन फ्लू से अछूते जिले में सोमवार रात तीन मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई। हालांकि, तीनों मरीज लखनऊ में उपचार करा रहे हैं।

मरीज मिलने के बाद मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में संक्रमण से बचाव के इंतजामों की पड़ताल की गई। ओपीडी में मेडिसिन विभाग के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी थी। मरीजों के बीच पर्याप्त दूरी नहीं थी। खास बात यह रही कि बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षणों वाले मरीज भी बिना मास्क के नजर आए।
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दूसरी मंजिल पर रक्त संग्रहण कक्ष के बाहर भी मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। यहां भी मास्क और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन होता नहीं दिखा। एक्स-रे कक्ष के बाहर भी मरीजों की कतार लगी रही। यहां भी अधिकांश लोग बिना मास्क के थे। मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी भी बिना मास्क के आते-जाते मिले।

स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण

तेज बुखार, खांसी और गले में खराश, सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ या सीने में दर्द, शरीर और सिर में तेज दर्द व कमजोरी।

यह है बचाव का तरीका

सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें, खांसने या छींकने वाले व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें, खांसते या छींकते समय रूमाल या टिश्यू का इस्तेमाल करें, समय-समय पर साबुन और पानी से हाथ साफ करते रहें।

क्या न करें

बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें, सर्दी-जुकाम या बुखार होने पर सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।

इन्हें है अधिक खतरा

10 साल से कम उम्र के बच्चे, 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं, रक्त संबंधी बीमारी, डायबिटीज, तंत्रिका तंत्र की बीमारी, कैंसर, टीबी या एचआईवी-एड्स से पीड़ित लोग, फेफड़े, हृदय, किडनी या लिवर की बीमारी से पीड़ित लोग।
(जैसा कि डिप्टी सीएमओ डॉ. आसिफ ने बताया)

शासन की गाइडलाइन के हिसाब से तैयारी की गई है। 12 बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। मरीजों का उपचार गाइडलाइन के अनुसार ही किया जा रहा है। संदिग्ध मरीजों की जांच कराई जाएगी।
- डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज

ठीक होकर घर लौटा मरीज तो स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची
शाहजहांपुर/पुवायां। पुवायां का स्वाइन फ्लू मरीज मरीज स्वस्थ होकर घर लौट आया है। जानकारी मिलने पर सीएचसी की टीम ने उसके घर जाकर जानकारी ली। आसपास के लोगों से भी वार्ता की। जबकि दो मरीज अब भी लखनऊ में इलाज करा रहे हैं।
शहर के दो और पुवायां के एक मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा के निर्देश पर मरीजों की तलाश शुरू की गई। पुवायां के सीएचसी अधीक्षक नरेंद्र पाल के नेतृत्व में टीम मरीज के घर पर पहुंची। मरीज भी लखनऊ से स्वस्थ होकर घर लौट आया है। टीम ने मरीज के परिजनों व आसपास के लोगों से जानकारी ली। जांच में अन्य किसी में स्वाइन फ्लू का कोई लक्षण नहीं मिला।
डिप्टी सीएमओ डॉ.आसिफ ने बताया कि पुवायां का मरीज लखनऊ में उपचार कराकर लौट आया है। उसमें अब स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं हैं। दूसरा मरीज अब भी लखनऊ में भर्ती है। जबकि तीसरे कैंसर से पीड़ित मरीज की छुट्टी भी अस्पताल से कर दी गई। वह अब भी लखनऊ में है। उसकी कीमोथैरेपी चल रही है। टीमों ने उससे भी संपर्क साधा है। संवाद

ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या
- 25 अगस्त : 1850
- 26 अगस्त : 1203

- 27 अगस्त : 1615
- 28 अगस्त : 283

- 29 अगस्त : 1446
- 30 अगस्त : 1562
- 31 अगस्त : 1990

- 01 सितंबर :1662

रोजाना डेढ़ से दो सौ बुखार, खांसी-जुकाम पीड़ित पहुंच रहे
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन 15 सौ से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से 150 से दो सौ मरीज केवल बुखार, खांसी-जुकाम के होते हैं। डॉक्टर आवश्यकता पड़ने पर मरीज की जांच भी कराते हैं जिससे स्वाइन फ्लू, मलेरिया-डेंगू, टाइफाइड की पुष्टि हो सके।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में रक्त नमूना केंद्र के बाहर लगी मरीजों की लाइन। संवाद

राजकीय मेडिकल कॉलेज में रक्त नमूना केंद्र के बाहर लगी मरीजों की लाइन। संवाद

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