प्रधानी के नामांकन के पहले दिन सैकड़ों की भीड़ ब्लाक पर उमड़ पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्याशियों ने नो ड्यूज के नाम पर बीडीओ पर सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इस पर मजिस्ट्रेट ने डीएम को हालात से कराया अवगत। इस दौरान प्रधान पद के 306 और सदस्य पद के 87 नामांकन पत्र दाखिल हुए।
शनिवार को विकास खंड मुख्यालय पर प्रधान एवं सदस्य ग्राम पंचायत के नामांकन के प्रथम दिन काफी संख्या में प्रत्याशियों ने दल बल के साथ नामांकन कराया। प्रत्याशियों का कहना था कि खंड विकास अधिकारी राजकुमार वर्मा ने नो ड्यूज के नाम पर सौ रुपये प्रति सदस्य स्वयं वसूले हैं। बीडीओ की हरकत पर प्रत्याशियों ने आपत्ति व्यक्त की, जिससे हंगामा खड़ा हो गया। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए नायब तहसीलदार/मजिस्ट्रेट राजेश्वर सिंह यादव ने बीडीओ की इस हरकत की सूचना डीएम शुभ्रा सक्सेना को दी। मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर डीएम ने मोबाइल पर ही बीडीओ से नाराजगी जताई। वहीं, एक ग्राम पंचायत अधिकारी कई दिन से विकास खंड से गायब होने बाद उसके फर्जी हस्ताक्षरों के नो ड्यूज जारी किए गए हैं। इसकी शिकायत एंटी करप्शन से करने की मांग की है। निर्वाचन अधिकारी डा. केएन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी प्रत्याशी का पर्चा हर संभव प्रयास करूंगा कि खारिज न हो। नामांकन के समय थानाध्यक्ष इफ्तेखार अहमद भारी फोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था में डटे रहे। बीडीओ राजकुमार ने कहा कि मैंने किसी से कोई वसूली नहीं की है। लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।