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Road Accident: शाहजहांपुर के दमगड़ा गांव में एक साथ जली नौ चिताएं, बिलख पड़ीं महिलाएं, हर आंख से बहे आंसू

Fri, 26 Jan 2024 03:03 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर जिले के दमगड़ा गांव में शुक्रवार को एक साथ नौ अर्थियां उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा। गांव के बाहर नौ शवों को अंतिम संस्कार किया गया। पड़ोसी गांव लहसना में तीन मृतकों का अंतिम संस्कार हुआ। बता दें कि बृहस्पतिवार को अल्हागंज क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी। ये सभी गंगा स्थान करने जा रहे थे। 
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दमगड़ा गांव के गमगीन लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर के अल्हागंज क्षेत्र में बृहस्पतिवार को सड़क हादसे में मदनापुर के दमगड़ा गांव के नौ लोगों की मौत हो गई थी। शुक्रवार को सपा नेताओं के पहुंचने के बाद परिजन शवों के अंतिम संस्कार से पहले मुआवजे की मांग करने लगे। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर अंतिम संस्कार कराया।
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बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे बरेली फर्रुखाबाद हाईवे पर अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव सुगसुगी के सामने कंटेनर ने गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के ऑटो को रौंद दिया था। हादसे में दमगड़ा गांव के नौ लोगों और पड़ोस के लहसना गांव की दो महिलाओं व एक बच्चे की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए।

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शुक्रवार सुबह दमगड़ा गांव में परिजनों ने शवों के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि पहले मुआवजा दिया जाए, तब अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच पूर्व विधायक राजेश यादव और सपा नेता राजेश कश्यप कई कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए और मुआवजा दिए जाने की मांग करने लगे।

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अफसरों के समझाने पर माने परिजन 
एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर शुक्रवार अवकाश के कारण शनिवार को कुछ आर्थिक मदद कर दी जाएगी। कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत परिजनों को पांच पांच लाख रुपये मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी। कागजी प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है मगर जल्द से जल्द कार्रवाई पूरी की जाएगी।

करीब एक घंटे की बातचीत के बाद लोग मान गए और दोपहर करीब दो बजे शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। गांव में एक साथ नौ अर्थियां उठी तो चीत्कार मच गया। महिलाएं बिलख पड़ीं। हर आंख नम हो गई। अंत्येष्टि स्थल पर एक साथ नौ चिताएं जलीं। उधर, लहसना गांव तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया।  
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