मुमुक्षु आश्रम में व्यास संत विजय कौशल महाराज ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाते हुए
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम में श्रीराम कथा के चौथे दिन व्यास संत विजय कौशल महाराज ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। इसको सुनकर कथा पांडाल में मौजूद श्रोता भावविभोर हो गए। विजय कौशल महाराज ने कहा कि नारद ने पार्वती के माता-पिता से कहा कि आपकी कन्या का नाम बहुत अच्छा है, लेकिन इसका विवाह किसी बेघर, बेरूप आदमी से होगा।
यह सुनकर पार्वती के माता-पिता चिंतित हो गए और नारद से योग्य वर प्राप्त होने का उपाय पूछा। नारद ने तपस्या करने का सुझाव दिया। पार्वती घोर तप से शिव को ही वर के रूप में मांग लेती हैं। तब सती के वियोग में घूम रहे शिवजी को भगवान विष्णु ने विवाह करने के लिए मना लिया। पार्वती के पिता अपने गुरु की आज्ञा मानकर शिव से विवाह कराने को तैयार हो गए। इसके बाद शिवजी की बरात निकली।
इसमें भूत-पिशाच सभी शामिल हुए। शिव-पार्वती की बरात होते ही चारों ओर खुशियां छा गईं। कथा के दौरान एसएस कॉलेज सचिव डॉ. अवनीश मिश्रा, प्राचार्य डॉ. अनुराग अग्रवाल, किशन अग्रवाल, हितेश अग्रवाल, रमेश सक्सेना, प्रमोद अग्रवाल, डॉ. आलोक मिश्र, पं. राजाराम मिश्रा, बाबूराम गुप्ता, धर्मेंद्र आदि मौजूद रहे।