शाहजहांपुर। नरक चतुर्दशी बुधवार को है, जिसको छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन भी दिवाली की ही तरह दीपक जलाने की परंपरा है। लोग रात के समय यम का दीपक जलाते हैं। मान्यता है कि यम का दीप जलाकर घर के दरवाजे पर रखने से नरक दूर होता है। इसलिए इस दिन को नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है।
चौक मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि नरक चतुर्दशी की रात यम का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु या किसी भी अनहोनी का खतरा टल जाता है। इसे यम दीपदान भी कहा जाता है, जो कार्तिक मास की चतुर्दशी तिथि पर किया जाता है। इसे मृत्यु के बाद नरक में जाने से बचने का उपाय भी माना जाता है। यमराज की पूजा करने से घर का वातावरण अच्छा बना रहता है। साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी बना रहता है।
सूर्यास्त के बाद जलाए यम का दिया
पं. अरुण शुक्ल ने बताया कि यम का दीपक नरक चतुर्दशी की रात सूर्यास्त के बाद जलाया जाता है। इस दीपक को घर के मुख्य द्वार पर एक रखा जाता है। यह दीया मिट्टी का होता है। इस दीप में सरसों का तेल डालकर उसे दक्षिण दिशा की ओर रखना चाहिए। मान्यता है कि यह दीपक जलाने से यमराज प्रसन्न होते हैं। साथ ही घर में सुख-समृद्धि भी आती है।