आगामी विधानसभा चुनाव में हारी सीटों पर भी जीत की रणनीति बना रही समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशियों की घोषणा करते वक्त शाहजहांपुर में नाम और काम पर दांव लगाया। पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखने वाले प्रत्याशियों के नाम पर ही भरोसा किया। माना जा रहा है कि पिछले चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के कारण पार्टी ने फिर उन्हीं नाम पर दांव लगाया है। ये प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे थे या मामूली वोटों के अंतर से हारे थे। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में शहर सीट से नगरपालिका चेयरमैन और पार्टी जिलाध्यक्ष तनवीर खां, तिलहर से अनवर अली और जलालाबाद से पूर्व विधायक शरदवीर सिंह को लड़ाया था। शहर सीट से तनवीर खां को करीब 65500 वोट मिले थे। भाजपा के सुरेश कुमार खन्ना 79000 वोट पाकर इस सीट पर कब्जा जमाया था। अब तनवीर नगर पालिका चेयरमैन के रूप में जनता के बीच हैं। तिलहर सीट पर बसपा के रोशन लाल वर्मा ने 72500 वोट पाकर जीत दर्ज कराई थी। निकटतम प्रतिद्वंदी सपा उम्मीदवार अनवर अली रहे और उन्हें 61000 वोट मिले थे। जलालाबाद सीट से पूर्व विधायक शरदवीर सिंह महज 500 वोटों से बसपा के नीरज मौर्य से चुनाव हार गए थे। शरदवीर को 75 हजार से अधिक वोट मिले थे।
ये प्रत्याशी जनता के बीच लगातार लगे हुए हैं। ऐसे में सपा ने इनके नाम और काम पर फिर प्रत्याशी बनाया। सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां के खाते में चेयरमैन के तौर पर शहर में कराए गए विकास कार्य और जिलाध्यक्ष के नाते संगठन को मजबूत करना है। जबकि अनवर अली ने तिलहर क्षेत्र में और शरदवीर ने जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता बरकरार रखी। पार्टी जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने कहा कि सपा के सभी घोषित प्रत्याशी चुनाव जीतकर नेतृत्व का भरोसा कायम रखेंगे।
ददरौल, पुवायां और कटरा सीट पर लगी निगाह
तीन सीटों के प्रत्याशी घोषित होने के बाद न सिर्फ सपा खेमे बल्कि अन्य पार्टी हलकों में भी ददरौल, पुवायां और कटरा विधानसभा क्षेत्र के संभावित प्रत्याशियों को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। वर्तमान में तीनों सीटों पर सपा ही काबिज है। विधानसभा में ददरौल क्षेत्र का नेतृत्व पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, पुवायां से शकुंतला देवी और कटरा से राजेश यादव कर रहे हैं।