शाहजहांपुर। नगर निगम के हाउस और वाटर टैक्स दबाये बैठे लोगों पर अब कोई रियायत नहीं होगी। एक तरफ टैक्स वसूली के लिए नगर निगम की ओर से बकायेदारों को बिल जारी कर दिए गए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ नोटिस भेजने और कुर्की की तैयारी शुरू कर दी गई है। ऐसे लोगों की सूची भी नगर निगम की ओर से तैयार कराई गई है।
निगम की सीमा में आने वाले सभी सरकारी और गैर सरकारी भवनों पर उसके क्षेत्रफल के अनुसार हाउस टैक्स लगाया जाता है। जिसको जमा करना होता है, लेकिन निगम के अधिकारियों की मेहरबानी से जिला अस्पताल और रोडवेज जैसे सरकारी संस्थानों के भवनों पर ही करोड़ों रुपया टैक्स बकाया है। जिसका भुगतान पिछले आठ-दस सालों से नहीं किया गया और न ही उसकी वसूली के लिए कोई प्रयास किए गए, लेकिन अब नगर निगम प्रशासन ने टैक्स वसूली के लक्ष्य की पूर्ति के लिए कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर अब तक 125 लोगों की सूची तैयार कराई गई है, जिन पर निगम का करीब 10 करोड़ रुपया बकाया है। इस सूची में सबसे ज्यादा टैक्स बकाया होने वालों में जिला अस्पताल और रोडवेज विभाग का नाम सबसे ऊपर है, इनके बाद शहर के नामी गिरामी होटल और नर्सिंग होम आ रहे हैं। जिनके नाम का खुलासा अभी तक नगर निगम द्वारा नहीं किया गया है, लेकिन उन सभी को बिल जरूर भेज दिए गए हैं। जिससे वह निगम में संपर्क कर बकाया टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को पूरा कर लें। इसके बाद उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे और फिर वारंट व कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। जिसके लिए नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने सभी मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह व कर निर्धारण अधिकारी भूपेंद्र सिंह को दिए हैं।