शाहजहांपुर। शहर में जलभराव से निपटने की जिम्मेदारी जिस नगर निगम पर है, उसके परिसर में ही पानी भर गया और कई रिटायर्ड कर्मचारियों की पत्रावलियां गायब हो गईं। एक कर्मचारी की मृत्यु होने के बाद जब परिवार वालों ने उसकी पेंशन पत्रावली की खोजबीन कराई तो यह खुलासा हुआ। अब नगर निगम में हड़कंप मचा है। नगर आयुक्त ने संबंधित कर्मचारियों को तलब करने के साथ ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी को मामले की जांच सौंपी है। उन्होंने नए सिरे से पत्रावलियां भी तैयार कराने के निर्देश दिए हैं।
मोहल्ला रंगीन चौपाल निवासी अब्दुल हसन नगर पालिका में सीढ़ी ढोने का काम करते थे और वर्ष 1995 में रिटायर हुए थे। इसके बाद उनकी मौत हो गई। इसके बाद मृतक आश्रित के रूप में उनकी पत्नी को 150 रुपये पेंशन दी जाने लगी। यह पेंशन पांच-छह साल बाद बंद हो गई। इसके बाद वर्ष 2016 में नई पेंशन नियमावली का प्रावधान लागू हुआ। इसके तहत पारिवारिक पेंशन नौ हजार रुपये महीना मिलनी चाहिए थी, लेकिन नहीं मिली। अब्दुल हसन का परिवार इसकी शिकायत लेकर नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा के पास पहुंचा और अपनी समस्या बताई। नगर आयुक्त ने संबंधित कर्मचारियों को बुुलाकर पूछताछ की तो पता लगा कि बारिश का पानी कार्यालय में भरने की वजह से अलमारी के निचले हिस्से में रखी पत्रावलियां बह चुकी हैं। इसमें अब्दुल हसन समेत कई रिटायर्ड कर्मचारियों की पत्रावलियां शामिल हैं। नगर आयुक्त ने इसकी जांच नगर स्वास्थ्य अधिकारी ओपी गौतम को सौंपी है। यह मामला खुलने के बाद नगर निगम में हड़कंप मचा है। कर्मचारियों का कहना है कि तीन-चार कर्मचारियों की पत्रावलियां ही पानी में भीगने से खराब हुई हैं, उन्हें बीमा और सेवा पुस्तिका के रिकॉर्ड से दोबारा से तैयार कराया जाएगा।
संबंधित कर्मचारियों को बुलाकर इस बारे में पूछताछ की गई है और पत्रावलियों को ढूंढने के निर्देश दिए हैं। जल्दी ही जांच पूरी करके रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
- ओपी गौतम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी